Ram Navami : अयोध्या के ज्योतिषाचार्य ने बताया रामनवमी पर पढ़ें ये श्लोक तो बरसेगी राम की कृपा

ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि रामनवमी के दिन रामचरितमानस के श्लोक का पाठ करने से घर में सुख समृद्धि धन लाभ वैभव बढ़ता है. जानिए कौनसा है ये श्लोक

News jungal desk : जब जगत जननी जगदंबा और भगवान राम का एक साथ गुणगान करने का मौका मिलता है तो मनुष्य धन्य हो जाता है । क्योंकि चैत्र रामनवमी में जहां एक तरफ देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा आराधना करी जाती है । तो वहीं भगवान राम के मंत्र रामचरितमानस भगवान राम के पूजा का भी विधान है । और आज हम आपको बताएंगे प्रभु श्रीराम की कृपा पाने के लिए रामनवमी पर अगर आप रामचरितमानस के इन शक्तिशाली इस श्लोक का पाठ करेंगे तो आपका जीवन भी धन्य होगा और वही प्रभु श्री राम की कृपा आप पर बनी रहे तो चलिए जानते हैं ।

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को लोग नाना प्रकार की सिद्धियां प्राप्त करने के लिए अनेक मंत्र अनेक उपाय करते हैं। और 307 के मुताबिक रामनवमी में रामचरितमानस का पाठ करने से बिगड़े हुए कार्य में सफलता मिलती है । और धन-संपत्ति ईश्वर वैभव का लाभ होता है । और प्रभु श्री राम की कृपा बनी रहती है ।

रामचरितमानस के श्लोक का पाठ

ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि रामनवमी के दिन रामचरितमानस के श्लोक का पाठ करने से घर में सुख समृद्धि धन लाभ वैभव बढ़ता है । और रामनवमी के दिन सनातन धर्म के लोग नाना प्रकार की सिद्धियों के लिए अखंड रामायण का पाठ करते हैं । लेकिन अगर किसी के पास कम समय है तो उनको चाहिए नवरात्रि के रामनवमी के दिन रामचरितमानस के दिए गए श्लोक का पाठ करें ।

नाथ दैव कर कवन भरोसा। सोषिअ सिंधु करिअ मन रोसा॥ कादर मन कहुँ एक अधारा। दैव दैव आलसी पुकारा।।

जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥ निज दुख गिरि सम रज करि जाना। मित्रक दुख रज मेरु समाना॥

अपि च स्वर्णमयी लंका, लक्ष्मण मे न रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

बोले बिहसि महेस तब ग्यानी मूढ़ न कोइ। जेहि जस रघुपति करहिं जब सो तस तेहि छन होइ।

मोह सकल ब्याधिन्ह कर मूला। तिन्ह ते पुनि उपजहिं बहु सूला॥ काम बात कफ लोभ अपारा। क्रोध पित्त नित छाती जारा॥

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