इंतजार की घड़ियां हुई खत्म,कानपुर में दौड़ी मेट्रो

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न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर कानपुर में शनिवार को इंतजार की घड़ियां खत्म हो गईं। शहर के अंदर पहली बार शाम को कानपुर मेट्रो मेन ट्रैक पर चली। पॉलिटेक्निक डिपो से रैंप पर चढ़कर गीता नगर स्टेशन से गुरुदेव मेट्रो स्टेशन और सीएसजेएम यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन तक गई और वापस आई। एलिवेटेड मेन ट्रैक पर पहली मेट्रो ने ट्रायल शुरू किया है। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने मेट्रो के चलते हुए रुककर देखा।

मेन ट्रैक पर हुआ ट्रायल
आईआईटी से मोतीझील के बीच 9 किमी. दूरी पर ट्रैक बिछाने से लेकर सिग्नलिंग का काम पूरा किया जा चुका है। मेट्रो स्टेशन की फिनिशिंग का काम चल रहा है। 15 नवंबर को रेलवे के चीफ ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की टीम परीक्षण करना शुरू करेगी। इससे पहले मेट्रो अपनी सभी तैयारियों को पूरा करना चाहती है। ये पहला मौका था जब लोग खुद लोग मेट्रो को शहर के अंदर चलते हुए देख रहे थे।

2 बार टला ट्रायल
मेन ट्रैक पर ट्रायल मेट्रो को गुरुवार फिर शुक्रवार को करना था, लेकिन टेक्निकल कारणों से ट्रायल को रद कर दिया गया था। परीक्षण के लिए कई सेंसर भी लगाए गए हैं। सभी तैयारियों को पूरा करने के बाद मेन ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन को लाया गया। 5 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ही मेट्रो पहली बार मेन ट्रैक पर चली।

पॉलिटेक्निक डिपो में चल रहा था टेस्ट
गुजरात से मेट्रो के 3 कोच लाए गए थे। 3 और कोच कानपुर आ चुके हैं। अब पहले 3 कोच की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। बीते सोमवार को पॉलिटेक्निक डिपो के अंदर बने 650 मीटर के ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन को चलाया गया था। 6 राउंड मेट्रो ट्रेन ने 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर किए थे।

डीसी करंट पर हुआ ट्रायल
अभी मेट्रो को इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में जेनरेटर की सप्लाई से ही मेट्रो को चार्ज किया गया। इसके बाद डीसी करंट से ही मेट्रो को मेन ट्रैक पर दौड़ाया गया। इसको लेकर सभी तैयारियों को गुरुवार देर रात से ही पूरी की जा रही थी। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के एमडी कुमार केशव ने बताया कि सभी तैयारियों को तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा।

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90 किमी. स्पीड पर होगा ट्रायल
कानपुर मेट्रो ने रिकॉर्ड समय 2 साल में काम पूरा किया है। अब जल्द से जल्द पैसेंजर को सुविधा देने के लिए मेट्रो ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 15 नवंबर को रेलवे के चीफ ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की टीम परीक्षण करना शुरू करेगी। टीम 90 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से टेस्ट करेगी। सीआरएस की एनओसी के बाद ही मेट्रो पब्लिक के लिए शुरू की जा सकेगी। उम्मीद है कि जनवरी में लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे।

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