आर्यन खान ड्रग्स केस में नया मोड़, गवाह का दावा- 25 करोड़ की हुई थी मांग

न्यूज जंगल डेस्क,कानपुर : क्रूज ड्रग्स केस में अब तक पूरी कहानी तीन चेहरों के इर्द गिर्द घूम रही थी. एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े, आर्यन खान और अनन्या पांडे. लेकिन अब मामले में एक ऐसे किरदार की एंट्री हुई है, जिसने कहानी को नया मोड़ दे दिया है. उस किरदार के बारे में जानने से पहले आप इस शख्स के बारे में जान लीजिए. ये हैं के पी गोसावी. आर्यन खान क्रूज ड्रग्स मामले के अहम गवाह. गोसावी की आर्यन खान के साथ ली हुई सेल्फी वायरल हुई थी. फिर आर्यन को पकड़े जाने के बाद गोसावी ही आर्यन को ले जाते हुए दिखा. आर्यन केस में जो नया किरदार सामने आया है उसका नाम है प्रभाकर सईल. जो गोसावी का प्राइवेट बॉडीगार्ड है. प्रभाकर भी प्रभाकर ने बकायदा एक एफिडेविट देकर गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रभाकर सईल के सनसनीखेज आरोप

समीर वानखेड़े पर प्रभाकर सईल ने आरोप लगाया कि खाली कागज को पंचनामा बताकर दस्तखत कराया. प्रभाकर ने अपने हलफनामे में सैम डिसूजा नाम के एक शख्स का भी जिक्र किया है. प्रभाकर के मुताबिक सैम डिसूजा से उनकी मुलाकात एनसीबी दफ्तर के बाहर ही हुई थी. उस वक्त वह केपी गोसावी से मिलने पहुंचे थे. दोनों एनसीबी दफ्तर से लोअर परेल के पास बिग बाजार के पास अपनी अपनी कार में पहुंचे. एफिडेविट में दावा किया गया है कि गोसावी सैम नाम के शख्स से फोन पर 25 करोड़ रुपए से बात शुरू कर 18 करोड़ में फिक्स करने की बात कर रहे हैं. उन्होंने 8 करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को देने की भी बात कही है.

नवाब मलिक ने साधा वानखेड़े पर निशाना
प्रभाकर के आरोप सामने आने के बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक ने एक बार फिर वानखेडे को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा- एनसीबी के विटनेस ने जिस प्रकार के बयान दिए हैं, वे गंभीर हैं. समीर वानखड़े जब से इस विभाग में आए, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को टारगेट किया, महाराष्ट्र सरकार को बदानाम करने की साजिश थी. करोड़ों रुपए की वसूली करने का काम हो रहा था. एनसीबी अधिकारी समीर वानखेडे पर नवाब मलिक ने जो आरोप लगाए हैं, उस पर एनसीबी ने कहा है कि चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए प्रभाकर सईल को कोर्ट में जाकर अपनी बात कहनी चाहिए, समीर वानखेडे पर एनसीबी की तरफ से कहा गया है कि

नवाब मलिक के आरोपों पर NCB का जवाब

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के आरोपों पर एनसीबी ने कहा- हमारे मुंबई जोनल यूनिट के डायरेक्टर समीर वानखेडे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, चूंकि हलफनामे की कुछ सामग्री सतर्कता मामलों से संबंधित है, इसलिए डीजी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को हलफनामा भेजा जा रहा है और उनसे आगे की जरूरी कार्रवाई का अनुरोध किया जा रहा है .

वहीं शिवसेना संजय राउत भी नवाब मलिक के समर्थन में आ गए हैं, उन्होंने भी ट्वीट करते हुए एनसीबी पर सवाल उठाए हैं, ट्वीट में संजय राउत ने लिखा है- आर्यन खान केस में गवाह से एनसीबी द्वारा खाली पन्ने पर साइन कराना चौंकाने वाला है, रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बहुत ज्यादा पैसे की भी मांग की गई थी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पहले ही कहा है कि ये केस महाराष्ट्र की छवि को खराब करने के लिए बनाया गया है, अब ये सच साबित हो रहा है. बीजेपी की तरफ से भी आरोप लगाया गया है कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेडे पर इतने गंभीर आरोप लगाने वाले प्रभाकर 22 दिनों से कहां गायब थे, प्रभाकर सईल का ये खुलासा कई सवाल खड़े कर रहा है.

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इस बीच एनसीबी के मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेडे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर साजिश में फंसाए जाने की आशंका जाहिर की है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि उन्हें सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई का जाल बिछाया जा रहा है.

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