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आईएनएस इम्फाल के आ जाने से भारतीय नेवी की ताकत में कई गुना इजाफा हो जाएगा,जानें INS Imphal की ताकत 

दुनिया के सबसे खतरनाक स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर (विध्वसंक) में से एक विशाखपत्तनम क्लास स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर के तीसरे जंगी जहाज इम्फाल को भारतीय नौसेना में दिसंबर में शामिल किया जाएगा. मंगलवार को युद्धपोत आईएनएस इम्फाल के क्रैस्ट को दिल्ली में अनावरण किया जाएगा. इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मणिपुर के मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल होंगे. पिछले साल दिसंबर में भारतीय नौसेना की ताकत में आईएनएस मोर्मुगाओ के शामिल होने के साथ ही जबरदस्त इजाफा हुआ था. खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस विध्वसंक को नौसना में शामिल किया था. उसके बाद से लगातर ये अपने आप को भारतीय समुद्री सीमा की रक्षा में तैनात हो गया.

News jungal desk : मंदर में चीन की दादागिरी खत्म करने और पाकिस्तान की नापाक साजिशों को गहरे समुद्र में दफ्न करने के लिए भारतीय नौसेना तैयार है. भारतीय नौसेना अपनी ताकतों को स्वदेशी तौर पर बड़ी तेजी से बढ़ाने में जुटी है और उसी के तहत अब उसे एक ऐसा विध्वसंक मिलने जा रहा है । जिससे दुश्मनों के भी होश उड़ जाएंगे । और दुनिया के सबसे खतरनाक स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर (विध्वसंक) में से एक विशाखपत्तनम क्लास स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर के तीसरे जंगी जहाज इम्फाल को भारतीय नौसेना में दिसंबर में शामिल किया जाएगा । और मंगलवार को युद्धपोत आईएनएस इम्फाल के क्रैस्ट को दिल्ली में अनावरण किया जाएगा । और इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मणिपुर के मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल होंगे। और पिछले साल दिसंबर में भारतीय नौसेना की ताकत में आईएनएस मोर्मुगाओ के शामिल होने के साथ ही जबरदस्त इजाफा हुआ था । खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस विध्वसंक को नौसना में शामिल किया था । उसके बाद से लगातर ये अपने आप को भारतीय समुद्री सीमा की रक्षा में तैनात हो गया है ।

इम्फाल स्वदेशी जंगी जहाजों की ताकत
स्वदेशी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल एक विध्वंसक है । और इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि यह दुश्मन की नजर से बच सकता है और आसानी से दुश्मन की रडार की पकड़ में नहीं आएगा । यह सतह से सतह में मार करने वाली मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस है । और इसमें सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम भी लगा है और 16-16 मिसाइल के 2 वर्टिकल लॉन्चर से कुल 32 मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल दागी जा सकती है. इसके अलावा, एंटी सर्फेस वॉरफेयर के लिए ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल सिस्टम भी लगा हुआ है. इस सिस्टम से 16 ब्रह्मोस मिसाइल फायर की जा सकती है. इसमें आधुनिक सर्विलांस रडार लगा हुआ है और इसमें दुश्मन की सबमरीन को नष्ट करने के लिए रॉकेट लॉन्च और टॉरपिडो लॉन्चर भी मौजूद हैं. इस जहाज की लंबाई 163 मीटर है और 7400 टन वजनी है. यह विध्वसंक चार पावरफुल गैस टर्बाइन से चलता है और इसकी अधिकतम रफ्तार 30 नॉटिकल मील तक हो सकती है.

क्या है नौसेना का प्रोजेक्ट 15-B
भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करने के मकसद से साल 2013 में प्रोजेक्ट 15B (P15-B) की शुरुआत की गई थी. इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 4 डेस्ट्रॉयर यानी विध्वंसक जंगी जहाज तैयार किए जाने थे. पहला डेस्ट्रॉयर आईएनएस विशाखपत्तनम साल 2021 में ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जा चुका है. INS मोर्मुगाओ इस प्रोजेक्ट की दूसरी शिप है, जिसे साल 2022 में आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल किया गया था. अब इस साल दिसंबर में विध्वसंक इम्फाल शामिल होगा और अगले साल ‘सूरत’ को नौसेना में शामिल किया जाएगा. प्रोजेक्ट 15B का तीसरा स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रायर ‘इम्फाल’ अपने समुद्री परीक्षण पर इसी साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था और हाल ही में ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया गया था. P-15B का चौथा जहाज़ ‘सूरत’ को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल मई में परीक्षण के तौर पर समुद्र में लॉन्च किया था. माना जा रहा है कि साल 2025 तक से यह भी भारतीय नौसेना में शामिल हो जाए. ये जंगी जहाज विशाखपत्तनम क्लास स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. इसका डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है और निर्माण मजगांव डॉक ने किया है.

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