Potassium Enriched Salt: खाने में नमक का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। अब वैज्ञानिकों ने साधारण नमक के विकल्प के रूप में पोटैशियम युक्त नमक को लेकर एक अहम अध्ययन किया है। नई रिसर्च के मुताबिक, अगर दुनियाभर में साधारण नमक की जगह पोटैशियम एनरिच्ड नमक का इस्तेमाल किया जाए, तो हर साल करीब 30 लाख मौतों और दिल व किडनी की बीमारियों के एक करोड़ से ज्यादा नए मामलों को रोका जा सकता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं है।
क्या है पोटैशियम युक्त नमक?
सामान्य नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड से बना होता है। वहीं, पोटैशियम युक्त नमक में सोडियम क्लोराइड की कुछ मात्रा को पोटैशियम क्लोराइड से बदल दिया जाता है। इससे नमक में सोडियम की मात्रा कम और पोटैशियम की मात्रा बढ़ जाती है।
शरीर में सोडियम की अधिकता ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है, जबकि पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। यही वजह है कि इस विकल्प को दिल की सेहत के लिहाज से फायदेमंद माना जा रहा है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
4 नवंबर 2026 को Nature Health में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन में 193 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि अगर दुनिया भर में सामान्य नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक इस्तेमाल किया जाए, तो हर साल:
करीब 29.6 लाख मौतें रोकी जा सकती हैं।
दिल और किडनी की बीमारियों के 1.017 करोड़ नए मामले कम हो सकते हैं।
बीमारी और समय से पहले मौत के कारण होने वाले स्वास्थ्य नुकसान में भी बड़ी कमी आ सकती है।
यह आंकड़े शोधकर्ताओं के गणितीय मॉडल पर आधारित अनुमान हैं, न कि वास्तविक दुनिया में देखे गए परिणाम। <Cite refs={["turn702344search0","turn702344search1"]}/>
किन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है?
पोटैशियम युक्त नमक खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। इसमें सोडियम कम होने और पोटैशियम अधिक होने से रक्तचाप नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम भी कम हो सकता है।
इन लोगों को नहीं करना चाहिए इस्तेमाल
पोटैशियम युक्त नमक हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। गंभीर किडनी रोग से पीड़ित लोगों को इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में पोटैशियम जमा हो सकता है, जिससे हाइपरकलेमिया नामक गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके अलावा ACE inhibitors, ARBs और पोटैशियम बढ़ाने वाली कुछ दवाएं लेने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। खून में पोटैशियम का स्तर अधिक होने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और गंभीर मामलों में जान का खतरा भी हो सकता है। <Cite refs={["turn702344search2","turn702344search0"]}/>
क्या साधारण नमक पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, नमक चाहे साधारण हो या पोटैशियम युक्त, उसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वयस्कों को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक खाने की सलाह देता है। पोटैशियम युक्त नमक को अपनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं के बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष: पोटैशियम युक्त नमक भविष्य में दिल और किडनी की बीमारियों का बोझ कम करने का उपयोगी विकल्प बन सकता है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या सामान्य नमक का पूर्ण विकल्प मानना सही नहीं होगा।
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