दिवाली से पहले महंगाई की मार: दूध-दही के बाद घी, मक्खन और पनीर भी हुए महंगे, जानें नई कीमतें


 दिवाली के त्योहार से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। दूध और दही की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब घी, मक्खन और पनीर खरीदने के लिए भी ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। कर्नाटक में डेयरी ब्रांड नंदिनी के उत्पादों की कीमतों में बदलाव किया गया है। बेंगलुरु मिल्क यूनियन (BAMUL) ने घी, मक्खन, पनीर और तृप्ति दूध की नई खुदरा कीमतें जारी की हैं। नई दरें 4 नवंबर 2026 से लागू हो गई हैं। इस फैसले का असर खासतौर पर बेंगलुरु और कर्नाटक के ग्राहकों पर पड़ेगा।

घी की कीमतों में हुई बड़ी बढ़ोतरी

नंदिनी घी की कीमतों में अलग-अलग पैक के हिसाब से बदलाव किया गया है। 200 मिलीलीटर का पैकेट अब 95 रुपये में मिलेगा, जबकि 500 मिलीलीटर के पैक की कीमत 425 रुपये तय की गई है। एक लीटर का पाउच अब 850 रुपये में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 715 रुपये थी।

पीईटी जार में मिलने वाले घी की नई कीमतें भी जारी की गई हैं। 50 मिलीलीटर का जार 65 रुपये, 100 मिलीलीटर का 100 रुपये, 200 मिलीलीटर का 180 रुपये और 500 मिलीलीटर का जार 435 रुपये में मिलेगा। एक लीटर के जार की कीमत 870 रुपये होगी।

मक्खन और पनीर भी हुए महंगे

नंदिनी के मक्खन की कीमतों में भी संशोधन किया गया है। 100 ग्राम साल्टेड बटर की कीमत 90 रुपये और 500 ग्राम की कीमत 380 रुपये तय की गई है। वहीं, 200 ग्राम अनसाल्टेड बटर 160 रुपये और 500 ग्राम वाला पैक 390 रुपये में मिलेगा।

पनीर खरीदने वालों को भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। 200 ग्राम नंदिनी पनीर की कीमत 115 रुपये, 500 ग्राम की 260 रुपये और एक किलो की कीमत 485 रुपये तय की गई है। मीडियम फैट पनीर का 200 ग्राम पैक 110 रुपये में मिलेगा।

तृप्ति दूध की भी नई कीमतें जारी

बेंगलुरु मिल्क यूनियन ने तृप्ति दूध की कीमतों में भी बदलाव किया है। अब 135 मिलीलीटर का पैक 11 रुपये और 450 मिलीलीटर का पैक 33 रुपये में मिलेगा।

पहले भी बढ़ चुके हैं दूध और दही के दाम

इससे पहले कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर और दही की कीमत में 14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद घी, मक्खन और पनीर के नए रेट जारी कर दिए गए।

इस तरह त्योहार से पहले डेयरी उत्पादों की बढ़ती कीमतों से ग्राहकों की रसोई का बजट प्रभावित हो सकता है। खासकर मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए घी, मक्खन और पनीर खरीदने वाले परिवारों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

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