लगातार खांसी को न करें नजरअंदाज, हार्ट की बीमारी का भी हो सकता है संकेत; जानें कब रहें सतर्क


 लगातार खांसी आने का कारण हमेशा फेफड़ों से जुड़ी समस्या नहीं होता। कई बार यह दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर जब दिल की पंपिंग क्षमता कमजोर हो जाती है, तो फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसकी वजह से व्यक्ति को लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में भारीपन महसूस हो सकता है।

हार्ट की कमजोरी से क्यों आती है खांसी?

जब हृदय शरीर में पर्याप्त मात्रा में खून पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में दबाव बढ़ सकता है। इससे फेफड़ों में तरल जमा होने लगता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को पल्मोनरी कंजेशन या गंभीर स्थिति में पल्मोनरी एडिमा कहा जाता है।

इसका असर सांस लेने की प्रक्रिया पर पड़ता है और मरीज को खांसी की शिकायत होने लगती है।

रात में बढ़ जाती है खांसी तो रहें सावधान

हार्ट से जुड़ी समस्या होने पर कुछ खास लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • रात में लेटते ही खांसी बढ़ना।

  • सोते समय सांस लेने में परेशानी होना।

  • थोड़ी दूर चलने पर सांस फूलना।

  • सीने में भारीपन या बेचैनी महसूस होना।

  • पैरों और टखनों में सूजन आना।

  • अचानक नींद से जागना और सांस लेने में कठिनाई होना।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर लगातार खांसी के साथ सांस फूलने, पैरों में सूजन या सीने में भारीपन जैसी समस्याएं दिखाई दें तो इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और अन्य जांचों की सलाह दे सकते हैं। यदि अचानक गंभीर सांस की तकलीफ, सीने में दर्द या बेहोशी जैसी स्थिति हो तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

याद रखें: लगातार खांसी के कई कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए समय पर जांच कराना और उचित इलाज लेना बेहद जरूरी है।

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