मुंबई: मुंबई में 1 अक्टूबर 2026 से कमर्शियल वाहनों के लिए शहर के पांच प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर टोल की दरें बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के तहत लागू हुई इस बढ़ोतरी में अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के टोल में 15 से 35 रुपये तक की वृद्धि हुई है। नई दरों के बाद मिनी बस, हल्के कमर्शियल वाहन, ट्रक, बस और भारी मोटर वाहनों को पहले की तुलना में अधिक टोल देना होगा।
अब कितना देना होगा टोल?
नई दरों के मुताबिक मिनी बस और लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) के लिए टोल 75 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये प्रति ट्रिप कर दिया गया है। वहीं ट्रक और बस के लिए अब 180 रुपये देने होंगे, जो पहले 150 रुपये था। भारी मोटर वाहनों का टोल 190 रुपये से बढ़कर 225 रुपये प्रति ट्रिप हो गया है। यानी वाहन के प्रकार के आधार पर करीब 20 प्रतिशत के आसपास बढ़ोतरी हुई है।
| वाहन | पुराना टोल | नया टोल |
|---|---|---|
| मिनी बस/LCV | ₹75 | ₹90 |
| ट्रक/बस | ₹150 | ₹180 |
| भारी मोटर वाहन | ₹190 | ₹225 |
इन पांच जगहों पर लागू होंगी नई दरें
मुंबई में टोल की नई दरें वाशी, ऐरोली, मुलुंड के LBS रोड, मुलुंड ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और दहिसर के एंट्री पॉइंट्स पर लागू हैं। अटल सेतु का टोल इससे अलग व्यवस्था के तहत लिया जाता है।
किन वाहनों को टोल से राहत?
निजी कारों और एसयूवी के साथ-साथ कुछ अन्य वाहनों को मुंबई के इन एंट्री पॉइंट्स पर टोल से छूट जारी रहेगी। हल्के मोटर वाहन, स्कूल बस और राज्य परिवहन की बसों को अक्टूबर 2024 से टोल में छूट दी गई थी, जो फिलहाल जारी है।
हर तीन साल में होती है दरों की समीक्षा
मुंबई के इन पांच प्रवेश मार्गों पर टोल दरों में संशोधन आमतौर पर तीन साल के अंतराल पर किया जाता है। पिछली बार 1 अक्टूबर 2023 को दरें संशोधित की गई थीं। अब तीन साल बाद नई दरें लागू हुई हैं। टोल से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल शहर में बनाए गए फ्लाईओवर, पुल, सबवे और रोड ओवरब्रिज जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत और उससे जुड़े खर्च की वसूली के लिए किया जाता है।
टोल बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों की लागत बढ़ने की संभावना है। कुछ परिवहन संगठनों ने इस बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए कहा है कि अतिरिक्त खर्च का असर माल ढुलाई की दरों और आगे चलकर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ