एआई का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस करने पर ट्रंप पर उठे सवाल, जानें .si डोमेन का विवाद


 नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का नाम बदलकर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (SI) करने का फैसला किया है। 29 सितंबर 2026 को जारी कार्यकारी आदेश के मुताबिक, अमेरिकी कार्यकारी शाखा के विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक पत्राचार, वेबसाइट, रिपोर्ट और गैर-कानूनी दस्तावेजों में ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ की जगह ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्दों का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, पहले से जारी कानूनों, नियमों और दस्तावेजों में बदलाव जरूरी नहीं होगा।

ट्रंप ने क्यों बदला AI का नाम?

ट्रंप ने इस बदलाव के पीछे तर्क दिया है कि मौजूदा तकनीक केवल मानव बुद्धिमत्ता की नकल या स्वचालन तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इसकी क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं और ‘Super Intelligence’ शब्द इस तकनीकी बदलाव को बेहतर तरीके से दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए तकनीकी विकास को धीमा नहीं करना चाहिए।

कार्यकारी आदेश में ‘SI’ को फिलहाल उसी तकनीक के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिसे अमेरिकी कानून में ‘Artificial Intelligence’ के तहत परिभाषित किया गया है। साथ ही, राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार को 60 दिनों के भीतर ‘Super Intelligence’ की संघीय परिभाषा तैयार करने के लिए प्रस्ताव देने को कहा गया है।

असली विवाद .si डोमेन को लेकर

इस फैसले के बाद एक अलग तरह का विवाद भी सामने आया है। ‘Super Intelligence’ का संक्षिप्त रूप SI है और .si स्लोवेनिया का आधिकारिक इंटरनेट कंट्री-कोड डोमेन है। ट्रंप के नाम बदलने के ऐलान के बाद .si डोमेन की मांग अचानक बढ़ गई। रिपोर्टों के अनुसार, स्लोवेनिया में सामान्य तौर पर हर महीने करीब 3,500 डोमेन रजिस्ट्रेशन होते थे, लेकिन ट्रंप की घोषणा के बाद यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन हजारों तक पहुंच गई।

यही वजह है कि कुछ रिपोर्टों में ट्रंप परिवार के संभावित हितों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। चर्चा का एक आधार यह है कि ट्रंप की पत्नी मेलानिया और बेटे बैरन का स्लोवेनिया से नागरिकता संबंध है। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रंप के ऐलान से पहले ही .si डोमेन की खरीद-बिक्री में असामान्य तेजी देखी गई थी। हालांकि, इन घटनाओं से यह निष्कर्ष निकालना कि ट्रंप के नाम बदलने के फैसले का उद्देश्य परिवार या समर्थकों को आर्थिक लाभ पहुंचाना था, अपने आप में स्थापित तथ्य नहीं है।

क्या कार्यकारी आदेश से वास्तव में AI का नाम बदल गया?

महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रंप का आदेश मुख्य रूप से अमेरिकी कार्यकारी शाखा की आधिकारिक भाषा बदलता है। इससे दुनिया भर में AI शब्द कानूनी या तकनीकी रूप से खत्म नहीं हो जाता। निजी कंपनियां, दूसरे देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अब भी ‘Artificial Intelligence’ शब्द का इस्तेमाल कर सकती हैं।

इस फैसले के साथ अमेरिका में AI के विकास और नियमन को लेकर बहस भी जारी है। ट्रंप प्रशासन तकनीकी नवाचार और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है, जबकि आलोचक AI के जोखिमों और सुरक्षा के लिए पर्याप्त सरकारी निगरानी की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं।

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