भारत-न्यूजीलैंड FTA आज से लागू: भारतीय निर्यात को मिलेगा जीरो ड्यूटी का फायदा, जानें व्यापार और निवेश पर क्या होगा असर


 भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज, 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय वस्तुओं को 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय कपड़ा, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद और कृषि-प्रसंस्करण उद्योग को फायदा मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपये) करने का लक्ष्य रखा है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच कितना व्यापार होता है?

भारत के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार जून 2026 तक के साल में वस्तुओं और सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार 3.9 अरब न्यूजीलैंड डॉलर रहा।


न्यूजीलैंड को क्या फायदा होगा?

समझौते के तहत न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत निर्यात पर भारत में शुल्क घटेगा या समाप्त होगा। इससे लकड़ी, ऊन, फल, एल्युमिनियम और अन्य उत्पादों के निर्यातकों को लाभ मिल सकता है। सेब और कीवी जैसे फलों के लिए भी निर्धारित कोटे के तहत बाजार पहुंच मिलेगी।

भारत को क्या मिलेगा?

  • निर्यात में बढ़ोतरी: कपड़ा, चमड़ा, जूते, दवाइयां, इंजीनियरिंग और कृषि-प्रसंस्कृत उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार मिलेगा।

  • निवेश: न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

  • रोजगार और सेवाएं: आईटी, पेशेवर सेवाओं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ सकते हैं।

  • युवाओं को अवसर: समझौते में कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा और युवाओं के लिए हर साल 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा का प्रावधान है।

हालांकि, भारतीय निर्यातकों को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता मानकों, प्रतिस्पर्धी कीमतों और बाजार की मांग पर ध्यान देना होगा।

भारत की प्रमुख मांगें क्या हैं?

भारत की प्राथमिकताओं में अपने श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए बेहतर बाजार पहुंच, सेवाओं और पेशेवरों के लिए अवसर, निवेश आकर्षित करना तथा घरेलू किसानों और संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा करना शामिल है। डेयरी और कृषि जैसे क्षेत्रों को लेकर भारत ने सावधानी बरती है।

भारत ने किन देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं?

भारत के प्रमुख लागू व्यापार समझौतों में मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), ओमान और ब्रिटेन के साथ हुए समझौते शामिल हैं। इसके अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, श्रीलंका और आसियान देशों के साथ भी व्यापार समझौते हैं। न्यूजीलैंड के साथ समझौता अब लागू हो चुका है।

निष्कर्ष: भारत-न्यूजीलैंड FTA भारतीय निर्यातकों, सेवा क्षेत्र और निवेश के लिए नए अवसर खोल सकता है। लेकिन इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के बाजार में कितनी प्रतिस्पर्धी बन पाती हैं और समझौते के प्रावधानों का कितना प्रभावी इस्तेमाल करती हैं।

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