Nana Patekar Cardiac Arrest: कार्डियक अरेस्ट एक बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिल अचानक प्रभावी तरीके से रक्त पंप करना बंद कर देता है। इसका सीधा असर शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है, क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन युक्त रक्त मिलना बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों के भीतर मदद मिलना बेहद जरूरी होता है।
कार्डियक अरेस्ट में शरीर के अंदर क्या होता है?
हमारा हृदय लगातार शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक रक्त पहुंचाता है। कार्डियक अरेस्ट होने पर हृदय की पंपिंग अचानक रुक जाती है या इतनी प्रभावी नहीं रहती कि शरीर में रक्त का संचार बना रहे। इससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति तेजी से कम हो जाती है।
ऑक्सीजन की कमी के कारण व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर सकता है। वह सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाता या सांस पूरी तरह बंद हो सकती है। यह स्थिति हार्ट अटैक से अलग है, हालांकि हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है।
कैसे पहचानें कि कार्डियक अरेस्ट हो सकता है?
कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति आमतौर पर अचानक प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। वह आवाज देने या हल्के से हिलाने पर प्रतिक्रिया नहीं करता। सांस सामान्य नहीं होती और कई बार सिर्फ हांफने जैसी अनियमित सांसें दिखाई दे सकती हैं।
ऐसी स्थिति में समय बर्बाद किए बिना इसे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। व्यक्ति की हालत को देखकर लंबे समय तक इंतजार करना या खुद से कोई दवा देने की कोशिश करना नुकसानदायक हो सकता है।
तुरंत क्या करना चाहिए?
अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो गया है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है, तो तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सहायता के लिए कॉल करें। इसके साथ ही, अगर आप सीपीआर देना जानते हैं तो तुरंत सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) शुरू करें।
छाती के बीचों-बीच लगातार और पर्याप्त गहराई से चेस्ट कंप्रेशन देना रक्त संचार बनाए रखने में मदद कर सकता है। अगर आसपास AED (Automated External Defibrillator) उपलब्ध हो और उसे इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण या निर्देश उपलब्ध हो, तो उसका उपयोग किया जा सकता है।
कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण
कार्डियक अरेस्ट में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी इमरजेंसी मदद, सीपीआर और जरूरत पड़ने पर डिफिब्रिलेशन मिलता है, उतना ही व्यक्ति के बचने की संभावना बढ़ सकती है।
इसलिए किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने और सामान्य सांस न लेने की स्थिति में इंतजार न करें। तुरंत इमरजेंसी सहायता लें और प्रशिक्षित होने पर सीपीआर शुरू करें।
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