Bhutan Glacial Lake Outburst Flood: उत्तर-पश्चिमी भूटान के गासा जिले में शिंताफू ग्लेशियर झील फटने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई। झील से बड़ी मात्रा में पानी निकलने के कारण मो छू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इस प्राकृतिक आपदा में भूटान का प्रसिद्ध गासा त्साचू गर्म पानी का झरना पूरी तरह बह गया। घटना के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है।
ग्लेशियर झील फटने से आने वाली इस तरह की बाढ़ को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। इसमें ग्लेशियर के पास बनी झील की प्राकृतिक या कृत्रिम बाधा टूट जाती है और पानी तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर बहने लगता है। इससे नदी किनारे बसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भारी नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है।
मो छू नदी में अचानक बढ़ा पानी
शिंताफू ग्लेशियर झील फटने के बाद मो छू नदी में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। बाढ़ की चपेट में आने से गासा जिले का प्रसिद्ध गासा त्साचू गर्म पानी का झरना भी नष्ट हो गया। यह स्थान अपने प्राकृतिक गर्म जलस्रोतों और पर्यटन के लिए जाना जाता था। इस घटना से स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल और असम में बाढ़ का अलर्ट
भूटान में हुई इस घटना के बाद भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पश्चिम बंगाल और असम के कई सीमावर्ती जिलों में संभावित बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलस्तर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
क्या है ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड?
ग्लेशियर पिघलने से पहाड़ी इलाकों में पानी जमा होकर झील का रूप ले लेता है। इन झीलों के किनारे अक्सर बर्फ, चट्टानों और मलबे से बने प्राकृतिक बांध होते हैं। जब यह बांध टूटता है, तो झील का पानी अचानक तेज बहाव के साथ नीचे की ओर निकलता है। इसी घटना को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड कहा जाता है।
ऐसी बाढ़ कुछ ही समय में बड़े इलाके को प्रभावित कर सकती है। इसलिए निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समय रहते चेतावनी और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना बेहद जरूरी होता है।
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