IND vs WI 2nd T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया को छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। इस मुकाबले में शिवम दुबे को श्रेयस अय्यर से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजने के फैसले पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना हुई। हालांकि, गंभीर ने इस रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी क्रम लचीला होना चाहिए। उन्होंने गेंदबाजों के लिए भी बेहतर परिस्थितियां बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
शिवम दुबे को पहले भेजने पर क्या बोले गंभीर?
भारतीय पारी के दौरान ईशान किशन के आउट होने के बाद चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए तैयार श्रेयस अय्यर की जगह शिवम दुबे को भेजा गया। दुबे इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और 10 गेंदों पर सिर्फ सात रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने 18 गेंदों पर 40 रन की तेज पारी खेली।
इस फैसले पर सवाल उठने लगे कि शानदार फॉर्म में चल रहे अय्यर को पहले क्यों नहीं भेजा गया। मैच के बाद गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम लंबे समय से दुबे का इस्तेमाल इस तरह करती आ रही है। विश्व कप और उससे पहले भी उन्हें ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी का मौका दिया गया था।
गंभीर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर फैसला सफल नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि टी20 प्रारूप में केवल सलामी बल्लेबाजों की जगह स्थायी होती है, जबकि बाकी बल्लेबाजों को परिस्थितियों और टीम की जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्रम पर खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।
गेंदबाजों के समर्थन में उतरे गंभीर
भारतीय टीम के 249 रन बनाने के बावजूद गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। इस पर गंभीर ने कहा कि ओस और सपाट पिचों पर गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन टीम को बड़े स्कोर का बचाव करने के तरीके खोजने होंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर टीम को लगातार सुधार करना है, तो गलतियों को स्वीकार करके उन पर काम करना होगा। गंभीर ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने शानदार प्रदर्शन किया और जीत का श्रेय उन्हें मिलना चाहिए।
बोले- गेंद और बल्ले के बीच हो बराबरी का मुकाबला
गंभीर ने क्रिकेट में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलित मुकाबले की वकालत की। उन्होंने कहा कि गेंदबाज भी भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं और उनके करियर को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर पिच पर बल्ले और गेंद के बीच बराबरी की प्रतिस्पर्धा होगी, तो दर्शकों को बेहतर क्रिकेट देखने को मिलेगा।
मयंक यादव की तेज गेंदबाजी की तारीफ
गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी सराहना की। मयंक ने शुरुआती ओवर में लगातार विकेट लेकर वेस्टइंडीज पर दबाव बनाया था। गंभीर ने कहा कि तेज गेंदबाज को अपनी स्वाभाविक ताकत के अनुसार तेज गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकता है, तो उसे ऐसा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
मैच का नतीजा: भारत ने पांच विकेट पर 249 रन बनाए, जबकि वेस्टइंडीज ने चार विकेट पर 252 रन बनाकर छह विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।
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