Signs of Dehydration: शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों की जरूरत होती है। जब शरीर से निकलने वाले तरल की मात्रा, शरीर में जाने वाले तरल से ज्यादा हो जाती है तो डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी की स्थिति बन सकती है। गर्मी, ज्यादा पसीना आने, उल्टी-दस्त, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने के कारण ऐसा हो सकता है।
प्यास लगना ही एकमात्र संकेत नहीं
पानी की कमी होने पर सबसे आम संकेतों में ज्यादा प्यास लगना शामिल है, लेकिन हर व्यक्ति में प्यास जरूरी नहीं कि शुरुआत में ही महसूस हो। खासतौर पर बुजुर्गों में प्यास का एहसास कम हो सकता है। इसलिए शरीर के दूसरे संकेतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
ये लक्षण दिखें तो समझें शरीर मांग रहा है पानी
डिहाइड्रेशन होने पर मुंह, होंठ और जीभ का सूखना, पेशाब का रंग गहरा पीला होना, सामान्य से कम पेशाब आना, थकान, चक्कर या सिर हल्का लगना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में आंखें धंसी हुई भी नजर आ सकती हैं।
अगर उल्टी या दस्त हो रहे हैं तो शरीर से पानी के साथ सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में केवल पानी ही नहीं, बल्कि डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) की जरूरत पड़ सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
छोटे बच्चे और बुजुर्ग डिहाइड्रेशन के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील होते हैं। बच्चे हमेशा प्यास या अपनी परेशानी बता नहीं पाते। बच्चे में कम पेशाब आना, रोते समय आंसू न निकलना, मुंह सूखना, सुस्ती या चिड़चिड़ापन पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर चक्कर खड़े होने के बाद भी ठीक न हो, बहुत कम पेशाब आए, व्यक्ति असामान्य रूप से सुस्त या भ्रमित हो, तरल पदार्थ शरीर में टिक न पा रहे हों या सांस और दिल की धड़कन तेज हो रही हो तो जल्द चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। गंभीर डिहाइड्रेशन में भ्रम की स्थिति, सांस लेने में परेशानी, त्वचा का ठंडा पड़ना या व्यक्ति को जगाने में कठिनाई जैसे संकेत आपात स्थिति हो सकते हैं।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर नियमित रूप से पर्याप्त तरल लेते रहें। बीमारी, तेज गर्मी, ज्यादा व्यायाम, उल्टी या दस्त के दौरान शरीर की तरल जरूरत बढ़ सकती है। हालांकि जिन लोगों को डॉक्टर ने पानी या तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी है, उन्हें अपनी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ