भारत-पोलैंड संबंध: एफटीए से बढ़ेंगे व्यापार के अवसर, पीएम मोदी बोले- रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-पोलैंड संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, तकनीक और निवेश समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, डोनाल्ड टस्क ने भारत को मित्र देश बताते हुए कहा कि उन्हें भारत का मित्र कहे जाने पर गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के हितों में कोई टकराव नहीं है।

व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में दोनों देशों ने व्यापार बढ़ाने की इच्छा जताई है। फिलहाल दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब छह अरब डॉलर बताया जा रहा है। इसे बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए दोनों देश कारोबार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दे रहे हैं। एफटीए से संबंधित संभावनाएं भी इस साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इससे कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंचने और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार करने के अवसर मिल सकते हैं।

रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा और तकनीकी सहयोग भी प्रमुख मुद्दे रहे। भारत और पोलैंड के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने से नई परियोजनाओं, निवेश और तकनीकी आदान-प्रदान की संभावनाएं बन सकती हैं। दोनों देश आपसी संबंधों को केवल व्यापार तक सीमित रखने के बजाय व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क की मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में शामिल होंगे टस्क

भारत यात्रा के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इस मंच पर दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच निवेश और व्यापार बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

इसके अलावा, 23 अक्तूबर को टस्क बंगलूरू का दौरा करेंगे। यहां वह सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान तकनीकी साझेदारी, नवाचार और कारोबारी अवसरों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

2010 के बाद पोलिश प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा

डोनाल्ड टस्क की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2010 के बाद किसी पोलिश प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

भारत और पोलैंड व्यापार, रक्षा, तकनीक तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर अपने संबंधों को अधिक मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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