भारत से टेस्ट सीरीज हारने के बाद धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी श्रीलंका की कप्तानी, बोले- अब अगली पीढ़ी की बारी


 श्रीलंका क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की चयन समिति को भेजे पत्र में कहा कि अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय है। हालांकि, धनंजय ने साफ किया है कि वह खिलाड़ी के तौर पर श्रीलंका के लिए उपलब्ध रहेंगे।

धनंजय डी सिल्वा ने जनवरी 2024 में श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी संभाली थी। उन्होंने दिमुथ करुणारत्ने के बाद टीम की कमान संभाली और कुल 18 टेस्ट मैचों में श्रीलंका का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में टीम ने सात टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की। कप्तान के तौर पर धनंजय ने 1130 रन बनाए और नौ विकेट भी हासिल किए।

धनंजय की कप्तानी में श्रीलंका की आखिरी टेस्ट सीरीज भारत के खिलाफ हुई थी। अगस्त 2026 में खेली गई दो मैचों की सीरीज में भारत ने श्रीलंका को 1-0 से हराया। पहला टेस्ट भारत ने जीता, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा। इस सीरीज में धनंजय श्रीलंकाई टीम के कप्तान थे।

कप्तानी छोड़ने के बाद धनंजय ने टीम से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई है। उन्होंने चयन समिति को बताया कि वह आगे भी खिलाड़ी के रूप में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। यानी आने वाले समय में उन्हें टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में योगदान देते हुए देखा जा सकता है।

श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एश्ले डी सिल्वा ने धनंजय के नेतृत्व के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका क्रिकेट उनके आगे के करियर के लिए शुभकामनाएं देता है और टेस्ट टीम को दी गई उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए धन्यवाद करता है। बोर्ड ने खिलाड़ी के तौर पर उनकी उपलब्धता का भी स्वागत किया है।

धनंजय डी सिल्वा के इस फैसले के बाद अब श्रीलंका की टेस्ट टीम के अगले कप्तान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनके अपने बयान के मुताबिक, नेतृत्व की जिम्मेदारी अब अगली पीढ़ी को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। वहीं, धनंजय खुद खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ जुड़े रहेंगे।

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