किम जोंग से मिलने के लिए उत्साहित ट्रंप: नवंबर में हो सकती है मुलाकात, हूतियों पर भी बोले अमेरिकी राष्ट्रपति


 Donald Trump Kim Jong Un Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की संभावना जताई है। ट्रंप ने कहा कि वह नवंबर में अपनी एशिया यात्रा के दौरान किम से मिल सकते हैं। उन्होंने इस संभावना को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि उनके किम के साथ अच्छे संबंध हैं। हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, ट्रंप की हूती विद्रोहियों को लेकर रणनीति और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर भी नजर बनी हुई है।

नवंबर में कब हो सकती है ट्रंप और किम की मुलाकात?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 12 अक्तूबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किम जोंग उन से संभावित मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ऐसा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि किम के साथ उनके संबंध अच्छे हैं।

ट्रंप नवंबर में चीन के शेनझेन में आयोजित होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जाएंगे। यह सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को निर्धारित है। इसी यात्रा के दौरान किम से मुलाकात की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, अभी तक न तो अमेरिका ने बैठक की तारीख घोषित की है और न ही उत्तर कोरिया की ओर से इसकी पुष्टि की गई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित कूटनीतिक मुलाकात के तौर पर ही देखा जा रहा है। 

पहले भी तीन बार मिल चुके हैं दोनों नेता

ट्रंप और किम जोंग उन अपने पिछले कार्यकाल के दौरान तीन बार आमने-सामने मिल चुके हैं।

  • जून 2018: सिंगापुर में दोनों नेताओं की पहली ऐतिहासिक मुलाकात हुई।

  • फरवरी 2019: वियतनाम की राजधानी हनोई में दूसरी शिखर बैठक हुई, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

  • जून 2019: दोनों नेता कोरियाई सीमा पर स्थित पनमुनजोम में मिले। इस दौरान ट्रंप उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने।

इन बैठकों से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की उम्मीद जगी थी, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापक समझौता नहीं हो सका। 

उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम पर भी नजर

ट्रंप के बयान के बीच उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियां भी चर्चा में हैं। उत्तर कोरिया ने हाल में मिसाइल परीक्षण किए हैं और अपने सैन्य हथियारों का प्रदर्शन भी किया है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

अगर ट्रंप और किम के बीच मुलाकात होती है, तो उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं। हालांकि, किसी संभावित बैठक के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 

हूती विद्रोहियों को लेकर क्या है चर्चा?

मध्य पूर्व में हूती विद्रोहियों की गतिविधियां भी अमेरिका के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौती बनी हुई हैं। यमन में हूती विद्रोहियों और क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव के कारण समुद्री मार्गों तथा ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

अमेरिकी प्रशासन के सामने इस मुद्दे पर सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक विकल्पों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन हूतियों के खिलाफ संभावित सैन्य कदमों पर भी विचार कर रहा है, हालांकि अमेरिकी भागीदारी को लेकर अंतिम फैसला स्पष्ट नहीं है। 

क्या फिर शुरू होगी किम-ट्रंप कूटनीति?

ट्रंप की ताजा टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह किम जोंग उन के साथ सीधे संवाद की संभावना खुली रखना चाहते हैं। लेकिन मुलाकात होना और उसके जरिए किसी ठोस समझौते तक पहुंचना दो अलग बातें हैं।

परमाणु हथियारों, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं। ऐसे में नवंबर की एशिया यात्रा के दौरान संभावित मुलाकात को लेकर आगे आने वाले आधिकारिक बयानों पर नजर रहेगी।

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