Oman Religion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हादसे के बाद कैप्टन स्मित मच्छार के को-पायलट की पहचान को लेकर चर्चा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, को-पायलट ओमान का रहने वाला है। इसी वजह से ओमान के धार्मिक और सामाजिक परिदृश्य को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। ओमान की धार्मिक पहचान समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यहां इस्लाम के भीतर अलग-अलग संप्रदायों के लोग रहते हैं।
ओमान को अक्सर खाड़ी क्षेत्र का एक ऐसा देश माना जाता है जहां इबादी इस्लाम की मजबूत ऐतिहासिक और सामाजिक मौजूदगी है। इबादी परंपरा सुन्नी और शिया इस्लाम से अलग एक स्वतंत्र इस्लामी शाखा है। ओमान के सुल्तानी परिवार और देश की ऐतिहासिक धार्मिक व्यवस्था पर भी इबादी परंपरा का प्रभाव रहा है।
हालांकि, ओमान की आबादी केवल इबादी मुसलमानों तक सीमित नहीं है। देश में सुन्नी और शिया मुसलमान भी रहते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी ओमान में काम करते हैं, जिनमें अलग-अलग धर्मों और धार्मिक परंपराओं को मानने वाले लोग शामिल हैं। इसलिए ओमान का धार्मिक परिदृश्य काफी विविध है।
ओमान में इबादी मुसलमानों की संख्या महत्वपूर्ण मानी जाती है, जबकि सुन्नी और शिया समुदाय भी देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। हालांकि, सरकार की ओर से आमतौर पर नागरिकों की धार्मिक पहचान के आधार पर विस्तृत आधिकारिक जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते। इसलिए अलग-अलग स्रोतों में समुदायों की आबादी को लेकर अलग अनुमान देखने को मिल सकते हैं।
ओमान की खासियत यह भी है कि वहां धार्मिक सह-अस्तित्व पर जोर दिया जाता है। देश में विभिन्न इस्लामी परंपराओं के साथ-साथ अन्य धर्मों के अनुयायियों को भी धार्मिक गतिविधियां करने की अनुमति है। राजधानी मस्कट समेत कई क्षेत्रों में अलग-अलग समुदायों की मौजूदगी देखी जा सकती है।
इसलिए अगर सवाल यह हो कि ओमान में शिया ज्यादा हैं या सुन्नी, तो इसका सीधा जवाब देना आसान नहीं है। ओमान की सबसे विशिष्ट धार्मिक पहचान इबादी इस्लाम से जुड़ी है, जबकि सुन्नी और शिया दोनों समुदाय भी यहां मौजूद हैं। किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या उसके ओमान में रहने मात्र से उसकी धार्मिक पहचान तय नहीं की जा सकती।
फ्लाईदुबई की घटना में को-पायलट के ओमान का निवासी होने की जानकारी और उसकी धार्मिक पहचान दो अलग-अलग बातें हैं। किसी व्यक्ति के देश या राष्ट्रीयता के आधार पर उसके धर्म या संप्रदाय के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
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