Nithya Raman Profile: भारत के केरल में जन्मी नित्या रमन अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर की राजनीति में चर्चा का प्रमुख चेहरा बन गई हैं। वह शहर की सिटी काउंसिल की सदस्य हैं और अब मेयर पद के चुनाव में मौजूदा मेयर कैरन बास को चुनौती दे रही हैं। 3 नवंबर 2026 को होने वाले चुनाव में जीत मिलने पर वह लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बन सकती हैं। हालिया सर्वेक्षणों में भी उन्हें बढ़त मिलती दिखाई दी है।
केरल में जन्म, अमेरिका में बनाई पहचान
नित्या रमन का जन्म भारत के केरल में हुआ था। वह छह साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने शहरी विकास, सामाजिक मुद्दों और गैर-लाभकारी संगठनों के क्षेत्र में काम किया। भारत में भी उन्होंने चेन्नई में शहरी समस्याओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर काम किया। उनका अनुभव आगे चलकर लॉस एंजिल्स की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
बेघर लोगों के मुद्दे से राजनीति तक का सफर
नित्या रमन की राजनीति में दिलचस्पी लॉस एंजिल्स में बढ़ती बेघर लोगों की समस्या को देखकर और गहरी हुई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर बेघर लोगों की मदद करने वाले समूहों के साथ काम किया। उनका मानना रहा है कि लोगों को सड़कों से हटाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित आश्रय और स्थायी आवास उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
वर्ष 2020 में उन्होंने लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के चुनाव में जीत हासिल की। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं। 2024 में वह दोबारा चुनी गईं। अपने कार्यकाल में उन्होंने किफायती आवास, किरायेदारों के अधिकार और बेघर लोगों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
कैरन बास को क्यों दे रही हैं चुनौती?
नित्या रमन अब लॉस एंजिल्स की मौजूदा मेयर कैरन बास के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। दोनों नेताओं के बीच आवास, सार्वजनिक सुरक्षा, बेघर लोगों की समस्या और शहर के प्रशासन को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
13 अक्टूबर 2026 को हुई टेलीविजन बहस में दोनों उम्मीदवारों ने पुलिस व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया और शहर के नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर अपनी-अपनी बात रखी। रमन ने शहर की सेवाओं में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है।
मेयर बनीं तो रचेंगी इतिहास
लॉस एंजिल्स अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक है और यहां मेयर का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। नित्या रमन अगर चुनाव जीतती हैं, तो वह इस शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनने का इतिहास रच सकती हैं।
हालांकि, फिलहाल चुनाव का परिणाम आना बाकी है। उनकी उम्मीदवारी भारतीय मूल के लोगों के लिए अमेरिकी राजनीति में बढ़ती भागीदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। अब सबकी नजर 3 नवंबर के चुनाव पर है, जब मतदाता तय करेंगे कि शहर की कमान किसे सौंपी जाएगी।
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