Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौता विवादों में आ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका ने गलत पक्ष चुना है। उन्होंने ट्रंप के सलाहकारों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। जेलेंस्की का मानना है कि रूस को ऊर्जा उत्पाद बेचने की अनुमति देने से उसे युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन मिल सकते हैं।
रूस के साथ डीजल डील पर क्यों नाराज हैं जेलेंस्की?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ एक समझौते की घोषणा की, जिसके तहत रूस तत्काल 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की आपूर्ति अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में करेगा। इसके अलावा, उसी महीने 5 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त आपूर्ति की बात भी कही गई। अमेरिकी प्रशासन का उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों को कम करना बताया गया है।
जेलेंस्की ने इस फैसले को रूस के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे मिलने वाला पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने इसे मजबूत साझेदारों की ओर से लिया गया कमजोर फैसला बताया। यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, रूस को आर्थिक लाभ देने के बजाय उस पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाया जाना चाहिए।
ट्रंप के सलाहकारों पर क्या बोले जेलेंस्की?
जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रशासन की रणनीति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप के सलाहकार गलत हैं और वाशिंगटन ने गलत पक्ष चुना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस के साथ कारोबारी समझौते करने से अमेरिका यूक्रेन का भरोसा खो सकता है।
हालांकि, अमेरिकी पक्ष की दलील है कि रूस को डीजल निर्यात की अनुमति देना शांति वार्ता को दोबारा आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी दूतों ने यूक्रेनी अधिकारियों से कहा था कि इस तरह के समझौते से रूस को बातचीत की मेज पर वापस लाने में मदद मिल सकती है। इस रणनीति को लेकर यूक्रेन की ओर से संदेह जताया गया है।
ऊर्जा युद्धविराम पर क्या है विवाद?
ट्रंप ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम की घोषणा की थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच इस समझौते की शर्तों और पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन रूस को भी यूक्रेनी ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करने होंगे। उनका कहना है कि एकतरफा कार्रवाई से यूक्रेन की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
अमेरिका-यूक्रेन संबंधों पर क्या होगा असर?
रूस के साथ डीजल समझौते और ऊर्जा युद्धविराम को लेकर विवाद से अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में तनाव बढ़ा है। जेलेंस्की चाहते हैं कि अमेरिका यूक्रेन की सुरक्षा और रूस के खिलाफ उसकी रक्षा क्षमता को मजबूत करने में सहयोग जारी रखे।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच मतभेदों के बावजूद कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि रूस ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए क्या कदम उठाता है और अमेरिका युद्ध समाप्त कराने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाता है।
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