इस्राइल-हमास संघर्ष के तीन साल, 7 अक्टूबर के बाद कितनी बदल गई तस्वीर?


 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के साथ शुरू हुआ इस्राइल-हमास संघर्ष तीन साल बाद भी पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। उस दिन दक्षिणी इस्राइल पर हुए हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इस्राइल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। तीन साल में संघर्ष ने न सिर्फ गाजा की तस्वीर बदल दी, बल्कि इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीति पर भी पड़ा।

गाजा में कितनी बदली तस्वीर?

युद्ध के दौरान गाजा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली सैन्य अभियान में 74 हजार से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और लगभग पूरी आबादी को अलग-अलग समय पर विस्थापन का सामना करना पड़ा। हालांकि अक्टूबर 2025 में युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने की लड़ाई कम हुई, लेकिन हिंसा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार गाजा में अब भी हवाई हमले, गोलाबारी और सैन्य अभियान जारी हैं।

युद्ध ने गाजा के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अप्रैल 2026 की संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ की आकलन रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा के पुनर्निर्माण और आर्थिक सुधार के लिए अगले 10 वर्षों में करीब 71.4 अरब डॉलर की जरूरत होगी। 3.71 लाख से ज्यादा आवासीय इकाइयां क्षतिग्रस्त या नष्ट हुई हैं, जबकि आधे से अधिक अस्पताल काम करने की स्थिति में नहीं हैं।

युद्धविराम के बाद भी मुश्किलें बरकरार

अक्टूबर 2025 में लागू हुआ युद्धविराम एक महत्वपूर्ण मोड़ रहा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इससे सभी बचे हुए इस्राइली बंधकों और उनके अवशेषों की वापसी हुई और बड़े पैमाने पर युद्ध रुका। लेकिन इसके बावजूद गाजा में हिंसा, आवाजाही पर प्रतिबंध और मानवीय संकट जारी है। करीब दो-तिहाई गाजा क्षेत्र में पहुंच बेहद सीमित है।

संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में करीब 2.79 लाख लोग ऐसे विस्थापन स्थलों या असुरक्षित इमारतों में रह रहे हैं, जहां बारिश और बाढ़ का खतरा है। पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, ईंधन और जरूरी सामान की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है।

संघर्ष का दायरा गाजा से आगे बढ़ा

7 अक्टूबर के बाद शुरू हुआ संघर्ष धीरे-धीरे पूरे पश्चिम एशिया तक फैल गया। इस दौरान लेबनान, ईरान और यमन से जुड़े मोर्चों पर भी तनाव बढ़ा। इस वजह से संघर्ष सिर्फ इस्राइल और हमास तक सीमित नहीं रहा और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण बदलते गए।

आगे की सबसे बड़ी चुनौती क्या?

अब सबसे बड़ी चुनौती केवल युद्ध रोकना नहीं, बल्कि गाजा का पुनर्निर्माण, विस्थापित लोगों का पुनर्वास, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक समाधान तलाशना है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहद गंभीर बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक युद्धविराम के बाद हालात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य जरूरतें अभी भी बहुत बड़ी हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता सीमित है।

इस तरह तीन साल में 7 अक्टूबर 2023 की घटना ने इस्राइल और गाजा दोनों की सुरक्षा, राजनीति और सामाजिक स्थिति को गहराई से बदल दिया है। युद्ध की तीव्रता भले कम हुई हो, लेकिन स्थायी शांति और पुनर्निर्माण का रास्ता अभी भी लंबा और जटिल है।

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