आंखों की सेहत: मोबाइल देखते ही होने लगती है जलन? जानें 5 बड़ी वजहें और बचाव के उपाय


 Eye Strain Symptoms: आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन देखने के कारण आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और भारीपन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। कई लोगों को सुबह उठते समय भी आंखें थकी हुई महसूस होती हैं। हालांकि, इन लक्षणों की वजह हमेशा स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होती। ड्राई आई, एलर्जी, संक्रमण और कॉन्टैक्ट लेंस के गलत इस्तेमाल से भी आंखों में परेशानी हो सकती है।

अगर मोबाइल चलाते ही आंखों में जलन होने लगती है, तो इसके पीछे की वजह समझना जरूरी है। सही आदतें अपनाकर कई मामलों में राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार परेशानी होने पर आंखों के डॉक्टर से जांच कराना चाहिए।

1. लंबे समय तक स्क्रीन देखना

मोबाइल या लैपटॉप पर लगातार नजर टिकाए रखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है। इसे डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। स्क्रीन देखते समय हम सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखों की सतह पर मौजूद नमी जल्दी कम हो सकती है।

इसके कारण आंखों में थकान, जलन, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या करें? हर 20 मिनट में लगभग 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखें। इसे 20-20-20 नियम कहा जाता है। स्क्रीन की चमक कमरे की रोशनी के अनुरूप रखें और नियमित रूप से पलकें झपकाएं।

2. ड्राई आई यानी आंखों में सूखापन

जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या आंसुओं की गुणवत्ता ठीक नहीं होती, तो आंखों की सतह सूखने लगती है। इससे जलन, किरकिरापन, लालिमा और आंखों में कुछ फंसा होने जैसा एहसास हो सकता है।

लंबे समय तक स्क्रीन देखना, एयर कंडीशनर की हवा, धूल और कुछ दवाएं भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं।

क्या करें? पर्याप्त अंतराल पर स्क्रीन से ब्रेक लें और सीधे आंखों पर हवा पड़ने से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से उपयुक्त लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।

3. आंखों में एलर्जी

धूल, परागकण, पालतू जानवरों के बाल और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले तत्व आंखों में खुजली, पानी आने, लालिमा और सूजन का कारण बन सकते हैं। यदि दोनों आंखों में खुजली अधिक है और बार-बार आंखें मलने का मन करता है, तो एलर्जी एक संभावित वजह हो सकती है।

क्या करें? आंखों को रगड़ने से बचें, साफ ठंडी पट्टी से आराम पा सकते हैं और धूल या अन्य संभावित एलर्जी कारकों से दूरी रखें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से उचित उपचार लें।

4. आंखों में संक्रमण

आंखों में बैक्टीरिया या वायरस के कारण संक्रमण होने पर जलन, लालिमा, पानी आना और आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सुबह उठने पर पलकों का चिपकना भी कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आने का संकेत हो सकता है।

क्या करें? आंखों को साफ हाथों से ही छुएं, तौलिया और रूमाल साझा न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें। संक्रमण की आशंका होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।

5. चश्मे का गलत नंबर या रोशनी की समस्या

अगर चश्मे का नंबर सही नहीं है, स्क्रीन पर रोशनी का प्रतिबिंब पड़ता है या आप बहुत कम रोशनी में मोबाइल देखते हैं, तो आंखों को फोकस करने में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे आंखों में थकान, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी हो सकती है।

क्या करें? स्क्रीन की ब्राइटनेस आसपास की रोशनी के अनुसार रखें, मोबाइल को आंखों से उचित दूरी पर रखें और जरूरत पड़ने पर आंखों की जांच कराएं।

आंखों की जलन से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें

  • 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर देखें।

  • पलकें झपकाते रहें: इससे आंखों की सतह पर नमी बनाए रखने में मदद मिलती है।

  • आंखें न रगड़ें: इससे जलन और सूजन बढ़ सकती है।

  • साफ-सफाई रखें: आंखों को छूने से पहले हाथ धोएं और कॉन्टैक्ट लेंस का सही इस्तेमाल करें।

  • जरूरत पड़ने पर जांच कराएं: बार-बार परेशानी होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।

डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा, खुजली या सुबह उठने पर पलकों में चिपचिपापन महसूस होता है, तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें। तेज दर्द, रोशनी सहन न होना, अचानक धुंधला दिखना या नजर में बदलाव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

ध्यान रखें कि मोबाइल से होने वाली आंखों की थकान अक्सर आराम और स्क्रीन इस्तेमाल की आदतों में बदलाव से कम हो सकती है, लेकिन हर बार जलन का कारण स्क्रीन नहीं होता। सही कारण की पहचान ही उचित उपचार का पहला कदम है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ