Obesity and Heart Health: मोटापे से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है। उम्र बढ़ने के साथ भी वजन कम करके दिल और मेटाबॉलिज्म की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के शोधकर्ताओं की एक नई स्टडी के मुताबिक, 50 की उम्र के आसपास अपने वजन का कम से कम 5 प्रतिशत घटाकर उसे बनाए रखने वाले लोगों की 62 वर्ष की उम्र में हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति उन लोगों के समान पाई गई, जिनका वयस्क जीवन के अधिकांश समय वजन स्वस्थ सीमा में रहा था। यह शोध बताता है कि वजन घटाने के लिए उम्र को बाधा मानना सही नहीं है।
6,000 से ज्यादा लोगों पर हुई रिसर्च
शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में वर्ष 1958 में जन्मे 6,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। ये सभी नेशनल चाइल्ड डेवलपमेंट स्टडी का हिस्सा थे। अध्ययन में प्रतिभागियों के युवावस्था से लेकर मध्य आयु तक के वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) से जुड़े आंकड़ों को देखा गया।
शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि 50 से 55 वर्ष की उम्र के बीच वजन घटाने या बढ़ाने का आगे चलकर दिल और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर क्या संबंध दिखाई देता है। इसके लिए प्रतिभागियों के ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में सूजन से जुड़े संकेतकों का भी विश्लेषण किया गया।
कितना वजन घटाना पाया गया फायदेमंद?
अध्ययन में उन लोगों पर खास ध्यान दिया गया, जिन्होंने 50 वर्ष की उम्र तक अपने शरीर का कम से कम 5 प्रतिशत वजन घटाया और 55 वर्ष की उम्र तक उसे बनाए रखा।
उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति का वजन 80 किलोग्राम है, तो उसके वजन का 5 प्रतिशत यानी 4 किलोग्राम कम करना होगा। इस तरह उसका वजन 76 किलोग्राम हो जाएगा।
अध्ययन में ऐसे लोगों की 62 वर्ष की उम्र में हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की स्थिति उन लोगों के करीब पाई गई, जो लंबे समय से स्वस्थ वजन बनाए हुए थे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी लोगों के स्वास्थ्य संकेतक बिल्कुल एक जैसे थे या वजन घटाने से हर बीमारी का खतरा समाप्त हो जाता है।
वजन बढ़ने से तेजी से बिगड़ सकती है दिल की सेहत
शोध में यह भी सामने आया कि मध्य आयु में लगातार वजन बढ़ने और मोटापे की श्रेणी में पहुंचने वाले लोगों के हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य संकेतकों में अधिक गिरावट देखी गई। ऐसे लोगों में ब्लड प्रेशर और सूजन से जुड़े संकेतकों की स्थिति भी कम अनुकूल रही।
इसलिए केवल वजन कम करना ही नहीं, बल्कि वजन को दोबारा बढ़ने से रोकना भी महत्वपूर्ण है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसे कारकों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
वजन घटाने के लिए क्या करें?
स्वस्थ तरीके से वजन कम करने के लिए कुछ आदतें अपनाई जा सकती हैं:
संतुलित भोजन करें: डाइट में सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
नियमित व्यायाम करें: अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलने और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालें।
मीठे और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ सीमित करें: ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
नींद पूरी लें: नियमित और पर्याप्त नींद स्वस्थ दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वजन और स्वास्थ्य की निगरानी करें: समय-समय पर वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
यदि मोटापा अधिक है या कोई पुरानी बीमारी है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह से वजन घटाने की योजना बनाएं।
क्या कहती है यह स्टडी?
इस शोध का मुख्य संदेश है कि 50 की उम्र के आसपास भी वजन घटाने और उसे बनाए रखने से भविष्य की हृदय संबंधी सेहत को लाभ मिल सकता है। हालांकि, यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन है, इसलिए इससे यह साबित नहीं होता कि वजन घटाना ही बेहतर स्वास्थ्य का एकमात्र कारण है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्वस्थ खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सहायता के साथ वजन को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। उम्र चाहे जो भी हो, स्वास्थ्य में सुधार के लिए छोटे और टिकाऊ बदलाव उपयोगी साबित हो सकते हैं।
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