भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 50 ने 22,500 का स्तर फिर हासिल कर लिया। पिछले 25 वर्षों में यह दोनों प्रमुख सूचकांकों की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट रही है।
सोमवार को सेंसेक्स 72,340.95 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 72,400 के करीब पहुंच गया। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 452 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 72,362 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 ने 22,532.40 के स्तर पर शुरुआत की और 22,500 के ऊपर बना रहा।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी
बाजार की तेजी में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही। एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और अन्य प्रमुख वित्तीय शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। बैंक ने अनूप बागची को अपना नया एमडी और सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंकों के तिमाही कारोबारी अपडेट ने भी बाजार की धारणा को सहारा दिया।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को सहारा
शेयर बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी रही। तेल की कीमतों में कमी से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। इसके साथ ही कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद इस महीने फेडरल रिजर्व की ओर से आक्रामक दर बढ़ोतरी की आशंका भी कुछ कम हुई, जिससे वैश्विक बाजारों में sentiment बेहतर हुआ।
हालांकि, बाजार के सामने विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। ऐसे में सोमवार की तेजी को फिलहाल बाजार में राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे बाजार की दिशा RBI की मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश और वैश्विक बाजारों के रुख से प्रभावित हो सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आठ हफ्तों की गिरावट के बाद शुरू हुई यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है।
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