बुलेट ट्रेन से 3.5 घंटे में बनारस से दिल्ली का सफर, वंदे भारत स्लीपर से कितना लगेगा समय? जानें पूरा रूट और टाइमिंग


 वाराणसी: उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन यात्रियों को रातभर आरामदायक सफर करने का विकल्प देगी।

हालांकि, बनारस से दिल्ली का सफर 3.5 घंटे में पूरा करने वाली बुलेट ट्रेन और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अलग-अलग परियोजनाएं हैं। बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर से भविष्य में दिल्ली से वाराणसी की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में तय करने की योजना है। वहीं, नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस दूरी को करीब 9 से 10 घंटे में पूरा करेगी।

वंदे भारत स्लीपर से कितना लगेगा समय?

रेलवे की जानकारी के मुताबिक, वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नियमित समय-सारिणी के अनुसार रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 6:10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस तरह यात्रियों को लगभग 9 घंटे 20 मिनट का सफर करना होगा।

वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

वाराणसी से दिल्ली के बीच चलने वाली इस ट्रेन का रूट प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद से होकर गुजरेगा। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होने से आसपास के शहरों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।

16 कोच और 823 यात्रियों की क्षमता

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड एसी, चार सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए आरामदायक बर्थ, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर सस्पेंशन और ऑटोमैटिक दरवाजों जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

मेमू और प्रयागराज के लिए भी नई रेल सेवा

31 अक्टूबर को वंदे भारत स्लीपर के साथ मेमू और प्रयागराज के लिए नई रेल सेवाओं की भी शुरुआत की गई। इससे स्थानीय यात्रियों और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।

कुल मिलाकर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से वाराणसी और दिल्ली के बीच रात का सफर अधिक आरामदायक और सुविधाजनक होगा। वहीं, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना भविष्य में इस दूरी को कुछ ही घंटों में पूरा करने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है।


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