UP Liquor Shop Closed: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर शराब की दुकानों को दो दिन बंद रखने का फैसला किया गया है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और लाइसेंसधारकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों बंद रहेंगी शराब की दुकानें?
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।
चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, किसी तरह की अव्यवस्था रोकने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के उद्देश्य से इन दोनों तारीखों को शुष्क दिवस यानी ड्राई डे घोषित किया गया है। इन दिनों संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
किन जिलों में लागू रहेगा प्रतिबंध?
आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। हालांकि, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
27 अक्टूबर को मतगणना के दौरान भी संबंधित जिलों में शराब की बिक्री बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ में जिला प्रशासन ने दोनों तारीखों पर शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार प्रतिबंध के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करना होगा।
किन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा नियम?
इस प्रतिबंध के तहत देशी और विदेशी शराब की दुकानें, बीयर की दुकानें, मॉडल शॉप और कंपोजिट शराब की दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा, संबंधित आदेशों के अनुसार बार, भांग और ताड़ी की दुकानें तथा शराब की थोक बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठान भी प्रतिबंध के दायरे में आ सकते हैं।
लखनऊ में जारी आदेश के तहत सैन्य और अर्धसैनिक बलों की कैंटीनों में भी शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। हालांकि, नियमों का सटीक दायरा संबंधित जिले में जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार लागू होगा।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
प्रशासन ने शराब कारोबारियों और लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित तारीखों पर शराब की बिक्री न करें और अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसे में शराब कारोबारियों के लिए जरूरी है कि वे अपने जिले के प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। <
ध्यान दें: शराब की दुकानें बंद रहने की तारीख और प्रतिबंध का दायरा जिले के आधिकारिक आदेश के अनुसार अलग हो सकता है। बाहर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सूचना जरूर देख लें।
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