भारत करेगा 2036 ओलंपिक की मेजबानी? रेस में 6 और देश, IOA ने बताया क्या है विजन


 भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की अपनी कोशिश तेज कर दी है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुसार, देश की दावेदारी का विजन ‘राइजिंग टुगेदर’ होगा। भारत इस महीने के अंत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपनी मेजबानी की महत्वाकांक्षा और इससे जुड़े विजन को पेश करेगा।

भारत की दावेदारी का उद्देश्य देश की खेल क्षमता, युवा आबादी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अनुभव को सामने रखना है। यदि भारत को मेजबानी मिलती है, तो यह देश में ओलंपिक खेलों के आयोजन का पहला अवसर होगा।

सात देश रेस में शामिल

2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत के अलावा करीब छह अन्य देशों ने भी रुचि दिखाई है। इनमें मिस्र, इंडोनेशिया, मैक्सिको, पोलैंड, तुर्किये और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। हालांकि, अंतिम मेजबान का चयन IOC की प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और इसके लिए विभिन्न दावेदारों के प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाएगा।

भारत ने अपनी दावेदारी के लिए अहमदाबाद को प्रमुख आयोजन केंद्र के तौर पर पेश करने की तैयारी की है। इसके साथ ही देश के अलग-अलग शहरों में विभिन्न खेलों के आयोजन की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

‘राइजिंग टुगेदर’ क्या है?

IOA के मुताबिक, ‘राइजिंग टुगेदर’ भारत की ओलंपिक मेजबानी की सोच को दर्शाता है। इसके तहत खेलों को केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं, खिलाड़ियों, समुदायों और देश को एक साथ जोड़ने वाले आयोजन के तौर पर पेश करने की कोशिश होगी।

भारत अपनी प्रस्तुति में खेलों के जरिए युवा सशक्तीकरण, खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने पर भी जोर दे सकता है।

IOC के सामने होगी अहम प्रस्तुति

फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने प्रस्तुति भारत की दावेदारी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण होगी। इसके बाद IOC की ओर से विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसमें आयोजन स्थलों, परिवहन, आवास, खेल सुविधाओं, सुरक्षा, वित्तीय क्षमता और स्थिरता जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

भारत इससे पहले कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है। अब 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करना देश के खेल ढांचे और वैश्विक खेल क्षेत्र में उसकी भूमिका के लिहाज से एक बड़ा लक्ष्य है। हालांकि, अंतिम फैसला IOC की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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