पैरा एशियन गेम्स 2026: पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने उतरेगा भारत, कौन है सबसे सफल भारतीय एथलीट? जानें पूरा इतिहास


 पैरा एशियन गेम्स 2026 का आगाज 18 अक्टूबर से जापान के आइची-नागोया में होने जा रहा है। भारतीय पैरा एथलीट इस बार पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए पदकों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे। भारत ने हांगझोऊ में 2022 के पैरा एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 111 पदक जीते थे। इसमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल थे। इस प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। 

2026 पैरा एशियन गेम्स पर एक नजर

इस बार प्रतियोगिता का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसमें 45 देशों के लगभग 3,000 पैरा एथलीट हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में 18 खेल शामिल हैं और कुल 492 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।

भारत की ओर से 121 खिलाड़ियों का दल भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इसमें 80 पुरुष और 41 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय दल का लक्ष्य पिछले संस्करण के पदक रिकॉर्ड को बेहतर करना और विभिन्न खेलों में अपनी स्थिति मजबूत करना होगा। 

पैरा एशियन गेम्स में कैसा रहा भारत का इतिहास?

भारत ने 2010 में चीन के ग्वांगझोऊ में आयोजित पहले पैरा एशियन गेम्स से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद प्रत्येक संस्करण में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला।

वर्ष और आयोजन स्थलस्वर्णरजतकांस्यकुल पदक
2010, ग्वांगझोऊ14914
2014, इंचियोन3141633
2018, जकार्ता15243372
2022, हांगझोऊ293151111

भारत ने 2010 में 14 पदकों से शुरुआत की थी, जबकि 2022 में पदकों की संख्या बढ़कर 111 हो गई। यह देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। 

कौन हैं सबसे सफल भारतीय पैरा एथलीट?

पैरा एशियन गेम्स के पिछले संस्करणों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने तीन संस्करणों में कुल छह पदक जीते हैं। उनके नाम दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक दर्ज हैं।

वहीं, पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने 2022 के हांगझोऊ पैरा एशियन गेम्स में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। वह एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पैरा तीरंदाज बनीं। एथलीट अंकुर धामा ने भी पैरा एशियन गेम्स में तीन पदक जीते हैं। 

इस बार किन उम्मीदों के साथ उतरेगा भारत?

भारतीय खिलाड़ियों के सामने 2022 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की चुनौती होगी। एथलेटिक्स, पैरा बैडमिंटन, तीरंदाजी, निशानेबाजी और अन्य खेलों में पदक जीतने की संभावनाएं देश की कुल पदक संख्या को प्रभावित कर सकती हैं।

हालांकि, प्रतियोगिता में प्रदर्शन खिलाड़ियों की तैयारी, प्रतिस्पर्धा और खेल के दिन के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। इसलिए पदकों की संख्या को लेकर किसी निश्चित अनुमान पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

निष्कर्ष: पैरा एशियन गेम्स में भारत ने पिछले चार संस्करणों के दौरान लगातार अपनी पदक संख्या बढ़ाई है। अब 2026 में भारतीय दल के सामने इस प्रगति को जारी रखने और नया रिकॉर्ड बनाने का अवसर है। देशभर के खेल प्रशंसकों की नजरें खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी।

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