टाइप-2 डायबिटीज आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। अक्सर माना जाता है कि डायबिटीज का खतरा केवल उम्र बढ़ने या आनुवंशिक कारणों से होता है, लेकिन ऐसा पूरी तरह नहीं है। हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली और खान-पान की आदतें भी ब्लड शुगर बढ़ने और भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए अगर अभी आपको डायबिटीज नहीं है, तब भी कुछ आदतों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।
जंक फूड और मीठे पेय से बढ़ सकता है जोखिम
आजकल फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, मिठाइयां और अधिक चीनी वाले पेय का सेवन आम हो गया है। इनमें कैलोरी और शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है। इनका नियमित और ज्यादा सेवन वजन बढ़ने तथा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
खासकर मीठे सोडा, एनर्जी ड्रिंक और अन्य शुगर वाले पेय को रोजाना लेने की आदत से बचना चाहिए। इनकी जगह पानी, बिना चीनी वाले पेय और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी भी बन सकती है वजह
लगातार कई घंटे बैठकर काम करना, व्यायाम न करना और रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नियमित चलना, व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद करती हैं।
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने वाला है तो बीच-बीच में उठकर कुछ देर चलना और रोजाना शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालना उपयोगी हो सकता है।
तनाव और धूम्रपान को न करें नजरअंदाज
लगातार तनाव भी जीवनशैली से जुड़ी ऐसी समस्या है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक तनाव रहने पर नींद, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। वहीं धूम्रपान कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है।
आज से अपनाएं स्वस्थ आदतें
टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही धूम्रपान से दूरी और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश भी करनी चाहिए।
अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, वजन अधिक है या ब्लड शुगर को लेकर चिंता रहती है, तो डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर जांच कराना भी उपयोगी हो सकता है।
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