कोविड-19: फिर बढ़ रहा कोरोना, अस्पतालों में बढ़े मरीज; जानें XFG स्ट्रेटस वैरिएंट के लक्षण


 COVID-19 XFG Variant: कोरोना वायरस एक बार फिर कुछ देशों में बढ़ता दिखाई दे रहा है। ब्रिटेन में सितंबर 2026 के दौरान कोविड-19 संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक संक्रमण का स्तर अभी भी कम है और मौजूदा वैरिएंट पहले की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी पैदा करता है, ऐसा कोई प्रमाण फिलहाल नहीं मिला है।

XFG यानी स्ट्रेटस वैरिएंट क्या है?

इस समय चर्चा में रहने वाला XFG वैरिएंट, जिसे कई रिपोर्टों में Stratus भी कहा जा रहा है, SARS-CoV-2 का एक रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने XFG को Variant Under Monitoring (VUM) की श्रेणी में रखा है। WHO के उपलब्ध आकलन के मुताबिक XFG से वैश्विक स्तर पर अतिरिक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम कम है और अभी तक इसके अधिक गंभीर बीमारी या मृत्यु का कारण बनने के संकेत नहीं मिले हैं।

ब्रिटेन में क्यों बढ़ी चिंता?

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पतालों में कोविड-19 PCR टेस्ट की पॉजिटिविटी दर 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि में कोविड-19 के साप्ताहिक अस्पताल दाखिले की दर भी 0.81 से बढ़कर 1.20 प्रति एक लाख हो गई। 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में अस्पताल में भर्ती होने की दर सबसे अधिक रही।

वहीं, हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अस्पतालों में किए गए पॉजिटिव टेस्ट में XFG की अलग-अलग वंशावलियां बड़ी हिस्सेदारी में पाई गई हैं। हालांकि, कम संख्या में सीक्वेंस किए गए नमूनों के कारण इन आंकड़ों की व्याख्या सावधानी से करने की सलाह दी गई है।

क्या हैं स्ट्रेटस के लक्षण?

XFG से जुड़े लक्षण सामान्य तौर पर पिछले कोविड वैरिएंट्स जैसे ही बताए जा रहे हैं। इनमें गले में खराश, खांसी, बुखार, थकान और आवाज में भारीपन या बैठना शामिल हो सकता है। केवल लक्षणों के आधार पर यह तय करना संभव नहीं है कि संक्रमण XFG से ही हुआ है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

कोविड-19 से गंभीर बीमारी का खतरा बुजुर्गों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों और कुछ अन्य जोखिम वाले समूहों में अधिक हो सकता है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पात्र लोगों को मौसमी कोविड वैक्सीनेशन लेने की सलाह दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मौजूदा टीके गंभीर बीमारी से सुरक्षा देने में प्रभावी बने हुए हैं।

इसलिए कोरोना के मामले बढ़ने की खबरों से घबराने के बजाय लक्षण होने पर सावधानी बरतना, जोखिम वाले लोगों से दूरी रखना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। मौजूदा आंकड़े XFG को पहले के वैरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर साबित नहीं करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य एजेंसियां इसके प्रसार पर लगातार निगरानी रख रही हैं।

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