मलयेशिया में 100 करोड़ रुपये से अधिक के AI चिप जब्त, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट बताकर हो रही थी तस्करी; ऐसे खुला राज


 मलयेशिया में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कुआलालंपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने 30 सर्वर यूनिट जब्त की हैं, जिनमें हाई-परफॉर्मेंस AI चिप लगे हुए थे। इनकी कीमत करीब 4.95 करोड़ मलेशियाई रिंगिट यानी लगभग 12.11 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। अधिकारियों को संदेह है कि यह खेप एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई 15 अक्टूबर को एयरपोर्ट के फ्री ट्रेड जोन में की गई थी। मलेशियाई अधिकारियों ने 28 अक्टूबर को इस मामले की जानकारी सार्वजनिक की। शुरुआती जांच में पता चला कि सर्वर एशिया के ही एक देश से मलयेशिया लाए गए थे और फिर इन्हें दूसरे एशियाई देश में दोबारा निर्यात किया जाना था। इसके लिए जरूरी व्यापार परमिट की आवश्यकता थी। 

इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट बताकर कैसे हो रही थी तस्करी?

मलेशियाई सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, खेप के दस्तावेजों में सर्वर को सामान्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट के रूप में घोषित किया गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि माल की वास्तविक प्रकृति छिपाई जा सके और उसे आगे भेजने के दौरान लागू निर्यात प्रतिबंधों से बचा जा सके।

अधिकारियों ने सर्वर की जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी और खेप को जब्त कर लिया। इस शिपमेंट को संभालने वाली एक मलेशियाई कंपनी को भी जांच में सहयोग के लिए बुलाया गया है। फिलहाल अधिकारी निर्यातक, संभावित खरीदार और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। 

चीन और अमेरिका के बीच क्यों अहम हैं AI चिप?

अत्याधुनिक AI चिप बड़े डेटा सेंटर, जनरेटिव AI मॉडल और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनका इस्तेमाल नागरिक और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ कुछ सैन्य अनुप्रयोगों में भी किया जा सकता है। इसी वजह से अमेरिका ने अपने मूल के कुछ उन्नत चिप और कंप्यूटिंग उपकरणों के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लगाए हैं।

अमेरिका की चिंता है कि प्रतिबंधित तकनीक बिना आवश्यक लाइसेंस के चीन या अन्य प्रतिबंधित गंतव्यों तक पहुंच सकती है। ऐसे में तीसरे देशों के रास्ते माल भेजना निर्यात नियंत्रण लागू करने वाली एजेंसियों के लिए चुनौती बन जाता है। मलयेशिया ने भी अमेरिकी मूल के उन्नत AI चिप के आवागमन पर नियंत्रण लागू किए हैं। हालांकि, इस ताजा मामले में अधिकारियों ने अभी तक अंतिम गंतव्य देश या चिप के विशिष्ट मॉडल का खुलासा नहीं किया है। इसलिए इस खेप को सीधे चीन भेजे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

एक ही नेटवर्क पर पांच मामलों का शक

मलेशियाई अधिकारियों के अनुसार, इस साल उन्नत AI चिप की जब्ती से जुड़े कम से कम पांच मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों में जब्त चिप की कुल कीमत 10 करोड़ मलेशियाई रिंगिट से अधिक बताई गई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि ये मामले एक ही नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

इससे पहले जून में कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर 72 सर्वर यूनिट जब्त की गई थीं, जिनकी कीमत करीब 5.29 करोड़ रिंगिट थी। उस मामले में भी सर्वर को कंप्यूटर कंपोनेंट बताकर भेजे जाने और मलयेशिया को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने का संदेह जताया गया था। 

आगे क्या होगा?

फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। इस मामले से साफ है कि उन्नत AI तकनीक की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ रही है। जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि खेप किसने भेजी, इसका वास्तविक गंतव्य क्या था और क्या निर्यात नियंत्रण से बचने के लिए जानबूझकर गलत दस्तावेज तैयार किए गए थे।

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