ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गैर-स्थायी सीट हासिल करने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इसके साथ ही देश ने अपने क्षेत्रीय समूह के लिए उपलब्ध दो गैर-स्थायी सीटों में से एक पर जीत हासिल करने के उद्देश्य से अभियान भी शुरू किया है। ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकत के बजाय नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्व होना चाहिए।
UNSC में सीट के लिए अभियान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव निश्चित अवधि के लिए किया जाता है। गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर होता है।
ऑस्ट्रेलिया ने अपने क्षेत्रीय समूह के लिए उपलब्ध सीट पर समर्थन जुटाने के लिए अभियान शुरू किया है। इसके तहत वह संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के साथ संपर्क बढ़ाने और अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखने की कोशिश कर रहा है।
नियम आधारित व्यवस्था पर जोर
ऑस्ट्रेलिया अपनी दावेदारी के दौरान नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बना रहा है। उसका कहना है कि वैश्विक मामलों में देशों के बीच संबंध केवल सैन्य या आर्थिक ताकत के आधार पर तय नहीं होने चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का सम्मान भी जरूरी है।
ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी मौजूदगी से वह वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका को मजबूत कर सकता है। परिषद में गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर चुने जाने पर देश को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा और मतदान में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षा परिषद की भूमिका अहम
UNSC संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख संस्थाओं में से एक है, जिसका मुख्य दायित्व अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। परिषद संघर्षों, युद्धों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा करती है और कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या अन्य कदमों से जुड़े प्रस्ताव भी पारित कर सकती है।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से शुरू किए गए अभियान के बाद अब उसकी दावेदारी को लेकर अन्य देशों के समर्थन पर नजर रहेगी। चुनाव में क्षेत्रीय समूह के सदस्य देशों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा। ऑस्ट्रेलिया अपनी विदेश नीति और वैश्विक प्राथमिकताओं के आधार पर समर्थन जुटाने की कोशिश करेगा।
इस दावेदारी के जरिए ऑस्ट्रेलिया संयुक्त राष्ट्र के मंच पर अपनी सक्रिय भूमिका को आगे बढ़ाना चाहता है। हालांकि, गैर-स्थायी सीट हासिल करने के लिए उसे अपने क्षेत्रीय समूह के अन्य संभावित दावेदारों के बीच समर्थन जुटाना होगा
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