PM मोदी ने बताई Make in India की 12 साल की कहानी, 5500% ग्रोथ का जिक्र; 4 तस्वीरों से दिखाया बदलाव


 Make in India 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Make in India अभियान के 12 साल पूरे होने पर भारत में मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और निर्यात में हुए बदलावों को रेखांकित किया। 25 सितंबर 2014 को शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना था।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब भारत में ज्यादा उत्पादन हो रहा है, देश में ज्यादा निवेश आ रहा है और भारत से ज्यादा निर्यात हो रहा है। उन्होंने इसे अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देने वाला बदलाव बताया। इस मौके पर उन्होंने चार तस्वीरों के जरिए Make in India के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए परिवर्तन को भी सामने रखा।

12 साल में मैन्युफैक्चरिंग में क्या बदला?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, रेलवे और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता का विस्तार हुआ है। सरकार के मुताबिक सेमीकंडक्टर, मोबाइल फोन, स्पेशलिटी स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट जैसे क्षेत्रों के लिए भी नई योजनाएं शुरू की गई हैं।

PLI यानी Production Linked Incentive जैसी योजनाओं ने भी निवेश और उत्पादन बढ़ाने में भूमिका निभाई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, PLI योजनाओं के तहत अब तक करीब 2.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और इससे 14.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।

मोबाइल से लेकर रेलवे तक बढ़ा उत्पादन

Make in India के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण में खास विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 की तुलना में मोबाइल फोन उत्पादन करीब 35 गुना बढ़ा है। इसी तरह आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन करीब 21 गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ने की बात कही गई है।

रक्षा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना हुआ है और भारत ने रक्षा उपकरणों के निर्यात का भी विस्तार किया है।

5500 फीसदी ग्रोथ का दावा क्या है?

Make in India से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और आंकड़ों में अलग-अलग क्षेत्रों में कई गुना वृद्धि दिखाई गई है। 5500 फीसदी ग्रोथ का आंकड़ा किस खास क्षेत्र या आधार वर्ष से संबंधित है, इसे मूल सरकारी पोस्ट में स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। इसलिए इसे पूरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की 5500 फीसदी वृद्धि मानना सही नहीं होगा।

सरकार का व्यापक दावा यह है कि 2014 के बाद भारत में उत्पादन क्षमता, निवेश और निर्यात के साथ-साथ कई रणनीतिक और हाई-टेक क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण का विस्तार हुआ है।

Make in India का अगला चरण

सरकार अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, अंतरिक्ष, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकार के अनुसार, नई नीतियों और योजनाओं का लक्ष्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में अधिMake in India 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Make in India अभियान के 12 साल पूरे होने पर भारत में मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और निर्यात में हुए बदलावों को रेखांकित किया। 25 सितंबर 2014 को शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना था।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब भारत में ज्यादा उत्पादन हो रहा है, देश में ज्यादा निवेश आ रहा है और भारत से ज्यादा निर्यात हो रहा है। उन्होंने इसे अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देने वाला बदलाव बताया। इस मौके पर उन्होंने चार तस्वीरों के जरिए Make in India के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए परिवर्तन को भी सामने रखा।

12 साल में मैन्युफैक्चरिंग में क्या बदला?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, रेलवे और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता का विस्तार हुआ है। सरकार के मुताबिक सेमीकंडक्टर, मोबाइल फोन, स्पेशलिटी स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट जैसे क्षेत्रों के लिए भी नई योजनाएं शुरू की गई हैं।

PLI यानी Production Linked Incentive जैसी योजनाओं ने भी निवेश और उत्पादन बढ़ाने में भूमिका निभाई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, PLI योजनाओं के तहत अब तक करीब 2.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और इससे 14.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।

मोबाइल से लेकर रेलवे तक बढ़ा उत्पादन

Make in India के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण में खास विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 की तुलना में मोबाइल फोन उत्पादन करीब 35 गुना बढ़ा है। इसी तरह आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन करीब 21 गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ने की बात कही गई है।

रक्षा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना हुआ है और भारत ने रक्षा उपकरणों के निर्यात का भी विस्तार किया है।

5500 फीसदी ग्रोथ का दावा क्या है?

Make in India से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और आंकड़ों में अलग-अलग क्षेत्रों में कई गुना वृद्धि दिखाई गई है। 5500 फीसदी ग्रोथ का आंकड़ा किस खास क्षेत्र या आधार वर्ष से संबंधित है, इसे मूल सरकारी पोस्ट में स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। इसलिए इसे पूरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की 5500 फीसदी वृद्धि मानना सही नहीं होगा।

सरकार का व्यापक दावा यह है कि 2014 के बाद भारत में उत्पादन क्षमता, निवेश और निर्यात के साथ-साथ कई रणनीतिक और हाई-टेक क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण का विस्तार हुआ है।

Make in India का अगला चरण

सरकार अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, अंतरिक्ष, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकार के अनुसार, नई नीतियों और योजनाओं का लक्ष्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाना और देश में उत्पादन के साथ रोजगार एवं निवेश के अवसर बढ़ाना है।

इस तरह Make in India के 12 साल पूरे होने पर सरकार ने इसे भारत के विनिर्माण क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव के रूप में पेश किया है, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों के आंकड़े इस बदलाव की अलग-अलग तस्वीर दिखाते हैं।क महत्वपूर्ण भूमिका दिलाना और देश में उत्पादन के साथ रोजगार एवं निवेश के अवसर बढ़ाना है।

इस तरह Make in India के 12 साल पूरे होने पर सरकार ने इसे भारत के विनिर्माण क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव के रूप में पेश किया है, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों के आंकड़े इस बदलाव की अलग-अलग तस्वीर दिखाते हैं।

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