iPhone की कीमतों में 41% तक उछाल, फिर भी Apple की कमाई पर नहीं पड़ेगा असर? जानें कंपनी का प्लान


 भारत में नए आईफोन मॉडल लॉन्च होने के बाद कंपनी के पुराने मॉडल की कीमतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कुछ आईफोन की कीमतों में करीब 41 फीसदी तक की बढ़ोतरी ने ग्राहकों का ध्यान खींचा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लगातार बढ़ती कीमतें क्या भारत में आईफोन की बिक्री को प्रभावित करेंगी? विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में इजाफे के बावजूद एपल भारतीय बाजार से अपनी कमाई बढ़ाने में सफल हो सकता है।

भारत एपल के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। देश में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बढ़ रही है और बड़ी संख्या में ग्राहक महंगे फोन खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी वजह से कंपनी सिर्फ ज्यादा यूनिट बेचने के बजाय प्रीमियम सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी और औसत बिक्री मूल्य बढ़ाने पर ध्यान दे सकती है।

महंगे मॉडल से बढ़ सकता है राजस्व

एपल की कमाई बढ़ाने में उसके प्रीमियम मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए आईफोन की प्रो सीरीज और संभावित फोल्डेबल मॉडल जैसे महंगे डिवाइस कंपनी के औसत बिक्री मूल्य को ऊपर ले जा सकते हैं। यदि ग्राहक कम संख्या में फोन खरीदते हुए भी ज्यादा कीमत वाले मॉडल चुनते हैं, तो बिक्री की मात्रा में बड़ी वृद्धि के बिना भी कंपनी का राजस्व बढ़ सकता है।

फोल्डेबल आईफोन को लेकर भी बाजार में काफी उत्सुकता है। महंगे सेगमेंट में आने वाला ऐसा डिवाइस एपल को उन ग्राहकों तक पहुंचने में मदद कर सकता है, जो अत्याधुनिक तकनीक के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं।

पुराने आईफोन भी महंगे क्यों?

नए मॉडल के आने के बाद पुराने आईफोन की कीमतों में बदलाव कई कारणों से हो सकता है। आयात लागत, टैक्स, मुद्रा विनिमय दर, सप्लाई चेन और कंपनी की प्राइसिंग रणनीति इसका हिस्सा हो सकते हैं। इसके अलावा एपल अपने अलग-अलग मॉडल को इस तरह पोजिशन करता है कि प्रीमियम और पुराने डिवाइस के बीच कीमतों का अंतर उसके पूरे पोर्टफोलियो की कमाई को प्रभावित करे।

क्या बिक्री पर पड़ेगा असर?

बढ़ी हुई कीमतों से निश्चित रूप से कुछ ग्राहकों का बजट प्रभावित हो सकता है, खासकर उन खरीदारों का जो कीमत को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, एपल का ग्राहक वर्ग काफी हद तक प्रीमियम सेगमेंट में आता है। ब्रांड वैल्यू, लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट, कैमरा, परफॉर्मेंस और इकोसिस्टम जैसे कारण कई ग्राहक महंगे आईफोन की ओर आकर्षित होते हैं।

इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में एपल की रणनीति ज्यादा प्रीमियम मॉडल बेचकर प्रति डिवाइस अधिक कमाई करने की हो सकती है। आने वाले महीनों में बिक्री के आंकड़े ही बताएंगे कि बढ़ती कीमतों का भारतीय ग्राहकों की मांग पर कितना असर पड़ता है।

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