मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पुराने या खराब हो चुके खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर तारीखों में बदलाव कर उन्हें दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। यदि ऐसे उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंच जाते, तो उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
पैकेजिंग पर बदली जा रही थी तारीख
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खाद्य सामग्री के पैकेट पर दर्ज मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी। पुराने उत्पादों को नई तारीख देकर उनकी बिक्री की अवधि बढ़ाने की कोशिश किए जाने का संदेह है।
FDA की टीम ने सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बरामद की गई। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़
खाद्य उत्पादों की एक्सपायरी डेट में हेरफेर करना बेहद गंभीर मामला है। एक्सपायरी के बाद किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता खराब हो सकती है और उसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासतौर पर ऐसे उत्पादों में बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक तत्व बढ़ने का खतरा रहता है।
इस तरह की कार्रवाई यह भी दिखाती है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को पैकेट पर लिखी मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और पैकेजिंग की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
FDA की कार्रवाई से मचा हड़कंप
75 लाख रुपये का सामान जब्त किए जाने के बाद संबंधित मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तारीखों में कथित हेरफेर किस स्तर पर किया गया और इन उत्पादों को कहां-कहां सप्लाई किया जाना था।
फिलहाल इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।
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