कनाडा का यूरोप की ओर बढ़ा कदम: मैक्रों ने EU का सहयोगी सदस्य बनाने का किया समर्थन, कार्नी से की मुलाकात


 फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने फ्रांस-कनाडा संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की। बैठक में यूरोप और कनाडा के बीच संबंधों को नई दिशा देने से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।

मैक्रों ने कनाडा को यूरोपीय संघ यानी ईयू का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। यह प्रस्ताव कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच राजनीतिक एवं रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर

मुलाकात के दौरान मैक्रों और कार्नी ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच फ्रांस और कनाडा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

दोनों नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में कनाडा की भूमिका को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण रही।

ईयू के साथ कनाडा के रिश्ते

कनाडा पहले से ही यूरोपीय संघ के साथ व्यापक आर्थिक और राजनीतिक संबंध रखता है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिए विभिन्न समझौते भी मौजूद हैं। ऐसे में एसोसिएट सदस्यता का प्रस्ताव दोनों के बीच संबंधों को एक नए संस्थागत ढांचे में ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मैक्रों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कनाडा और यूरोप के बीच करीबी साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, कनाडा को ईयू का एसोसिएट सदस्य बनाने के प्रस्ताव को लेकर आगे की प्रक्रिया और इसके स्वरूप पर अभी और चर्चा की आवश्यकता होगी।

वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा

फ्रांस और कनाडा दोनों ही बहुपक्षीय सहयोग और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को महत्व देते हैं। बैठक में वैश्विक स्तर पर बदलती राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

मैक्रों और कार्नी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब यूरोप और कनाडा अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के विकल्प तलाश रहे हैं। आने वाले समय में एसोसिएट सदस्यता के प्रस्ताव को लेकर होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी।

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