Trump White House Media Ban: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को व्हाइट हाउस में तीन प्रमुख मीडिया संस्थानों के पत्रकारों की पहुंच रोकने के मामले में अदालत से झटका लगा है। संघीय जज टिमोथी केली ने प्रशासन को CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों की प्रेस क्रेडेंशियल्स तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के दौरान इन मीडिया संस्थानों को अस्थायी राहत दी है।
ट्रंप प्रशासन ने क्यों लगाया था प्रतिबंध?
ट्रंप ने 19 सितंबर को इन तीनों मीडिया संस्थानों को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। उनका आरोप था कि ये संस्थान उनके प्रशासन और राष्ट्रपति के बारे में लगातार नकारात्मक और गलत खबरें प्रकाशित कर रहे हैं। ट्रंप ने इसे कथित तौर पर 'फेक न्यूज' से जुड़ा मामला बताया था और संकेत दिया था कि ऐसे अन्य मीडिया संस्थानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
बाद में अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में मीडिया की पहुंच कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि कुछ रिपोर्टों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील या वर्गीकृत जानकारी प्रकाशित की गई थी।
प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का दिया तर्क
अदालत में सरकार की ओर से जिन रिपोर्टों का हवाला दिया गया, उनमें व्हाइट हाउस के निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था, ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य हथियारों की स्थिति और रूस पर प्रतिबंधों से संबंधित खबरें शामिल थीं। प्रशासन ने आरोप लगाया कि इन रिपोर्टों में पेशेवर मानकों और मर्यादा का पालन नहीं किया गया।
वहीं CNN, MS NOW और Politico ने इस कार्रवाई को अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन (First Amendment) में मिले प्रेस की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ बताया। तीनों संस्थानों ने अदालत में कहा कि उनके पत्रकारों की पहुंच रिपोर्टिंग के नजरिए के कारण रोकी गई और उन्हें उचित प्रक्रिया का अवसर भी नहीं दिया गया।
जज ने प्रशासन की कार्रवाई में क्या कमी मानी?
सुनवाई के दौरान जज टिमोथी केली का विशेष ध्यान due process यानी उचित कानूनी प्रक्रिया पर रहा। रिपोर्टों के अनुसार, जज ने सवाल उठाया कि पत्रकारों के प्रेस पास रद्द किए जाने के बाद भेजे गए पत्र उन पत्रकारों को पहले से यह कैसे बता सकते थे कि उन्हें किन नियमों का पालन करना है। अदालत के सामने यह भी आया कि पिछली अदालती मिसालों में प्रेस की पहुंच खत्म करने से पहले उचित प्रक्रिया की जरूरत बताई गई थी।
इसके बाद अदालत ने प्रशासन के प्रतिबंध पर अस्थायी रोक लगाते हुए तीनों मीडिया संस्थानों के पत्रकारों की व्हाइट हाउस पहुंच बहाल करने का आदेश दिया। यह आदेश मामले की अंतिम सुनवाई नहीं है; आगे की कानूनी प्रक्रिया में अदालत इस विवाद के संवैधानिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर फैसला करेगी।
प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ा विवाद
इस मामले ने ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी मीडिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को एक बार फिर सामने ला दिया है। मीडिया संस्थानों का कहना है कि सरकार को किसी समाचार संगठन की रिपोर्टिंग पसंद नहीं आने के कारण उसके पत्रकारों की पहुंच नहीं रोकनी चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन का तर्क है कि व्हाइट हाउस में सीमित पहुंच को सरकार अपनी शर्तों के तहत नियंत्रित कर सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी जरूरी है।
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