Cholesterol Check: 30 की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है? सुबह की 3 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार


 Causes of Cholesterol Increase: कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी पदार्थ है, लेकिन खून में इसका स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलाव, खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, वजन और आनुवंशिक कारण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। 30 की उम्र के बाद अगर लाइफस्टाइल पर ध्यान न दिया जाए तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

सुबह की शुरुआत में की जाने वाली कुछ आदतें भी आपकी पूरी दिनचर्या और खानपान को प्रभावित करती हैं। हालांकि, केवल सुबह की कुछ गलतियों को ही बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का कारण मानना सही नहीं है। कोलेस्ट्रॉल पर लंबे समय की जीवनशैली और अन्य स्वास्थ्य कारकों का भी असर पड़ता है।

1. सुबह नाश्ता छोड़ देना

व्यस्तता के कारण कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या लंबे समय तक कुछ नहीं खाते। इसके बाद तेज भूख लगने पर दिन में ज्यादा कैलोरी, मीठे या तले-भुने खाद्य पदार्थ खाने की संभावना बढ़ सकती है। नियमित और संतुलित भोजन की आदत वजन और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है।

नाश्ते में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें और सीमित मात्रा में स्वस्थ वसा वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

2. सुबह बिल्कुल एक्टिव न रहना

सुबह उठने के बाद लंबे समय तक बैठे रहना और पूरे दिन शारीरिक गतिविधि कम रखना भी कोलेस्ट्रॉल के लिए अच्छा नहीं है। नियमित व्यायाम HDL यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद कर सकता है।

इसके लिए रोजाना तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य व्यायाम किया जा सकता है।

3. सुबह ज्यादा मीठा या प्रोसेस्ड खाना

सुबह की चाय के साथ बिस्कुट, मीठे सीरियल, पेस्ट्री या अन्य अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाना संतुलित डाइट का हिस्सा नहीं माना जाता। इनमें अतिरिक्त चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और कभी-कभी संतृप्त वसा की मात्रा अधिक हो सकती है।

इनकी जगह फाइबर से भरपूर भोजन जैसे ओट्स, साबुत अनाज, फल और बिना ज्यादा चीनी वाले विकल्प लेना बेहतर हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल जांच क्यों जरूरी?

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता। इसलिए केवल शरीर में किसी परेशानी के दिखाई देने का इंतजार करने के बजाय डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराना महत्वपूर्ण है।

अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन और जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है।

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