सेमीकंडक्टर में भारत की बढ़ी ताकत, माइक्रोन के CEO संजय मेहरोत्रा बोले- विजन से आगे बढ़ा देश


 भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर माइक्रोन टेक्नोलॉजी के चेयरमैन और CEO संजय मेहरोत्रा ने बड़ा बयान दिया है। SEMICON India 2026 में उन्होंने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए मजबूत आधार तैयार कर लिया है और अब देश विजन और योजनाओं से आगे बढ़कर अमल के चरण में पहुंच चुका है। उनके मुताबिक, भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर जो नीतिगत ढांचा तैयार हुआ है, उसने कंपनियों के लिए निवेश और उत्पादन की संभावनाओं को मजबूत किया है।

विजन से अब एक्जीक्यूशन की ओर भारत

मेहरोत्रा ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में अब एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई दे रहा है। पहले जहां मुख्य जोर विजन, नीतियों और योजनाओं पर था, वहीं अब इन पहलों को जमीन पर उतारने का समय है। माइक्रोन की गुजरात के साणंद स्थित यूनिट इसी बदलाव का एक उदाहरण है।

माइक्रोन ने साणंद में असेंबली और टेस्टिंग सुविधा स्थापित की है, जहां कंपनी ने 2026 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। कंपनी की योजना इस सुविधा की क्षमता को तेजी से बढ़ाने की है। मेहरोत्रा के अनुसार, साणंद प्लांट में इस साल जहां करोड़ों चिप्स की प्रोसेसिंग होगी, वहीं 2027 में यह संख्या बढ़कर सैकड़ों करोड़ तक पहुंच सकती है।

भारत के लिए क्यों अहम है सेमीकंडक्टर सेक्टर?

सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों की बुनियाद हैं। दुनियाभर में AI और डेटा सेंटर की मांग बढ़ने के साथ मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण और सप्लाई चेन विकसित करने की कोशिशों को रणनीतिक महत्व मिला है।

SEMICON India 2026 में दुनिया की कई बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। सम्मेलन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित हो रहा है और इसमें 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां शामिल हैं।

साणंद प्लांट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

माइक्रोन की साणंद इकाई वेफर निर्माण नहीं करती, बल्कि वैश्विक नेटवर्क से प्राप्त DRAM और NAND वेफर्स की असेंबली और टेस्टिंग करके उन्हें तैयार मेमोरी और स्टोरेज उत्पादों में बदलती है। कंपनी ने भारत में इस परियोजना में 2.75 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है।

भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति अब केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और वैश्विक सप्लाई चेन में भागीदारी को भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। SEMICON India 2026 में सामने आए बयानों से संकेत मिलता है कि भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में योजनाएं बनाने के साथ-साथ उत्पादन और पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने के अगले चरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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