कपिल सिब्बल ने की पीएम मोदी की तारीफ: BRICS समिट पर बोले- बिना विवाद के घोषणा बड़ी उपलब्धि


 नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर विपक्ष की ओर से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की तारीफ सामने आई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने BRICS समिट की सफलता के लिए मोदी सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग हितों और मतभेदों वाले देशों के समूह के बीच बिना किसी बड़े विवाद के साझा घोषणापत्र जारी होना भारत सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कपिल सिब्बल ने BRICS के साझा घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सम्मेलन के दौरान भारत की ओर से प्रस्ताव रखा गया और उस पर किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। उनके मुताबिक, BRICS में शामिल देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं। ऐसे में सभी देशों को एक साझा मंच पर लाकर सहमति बनाना आसान काम नहीं है। इसी वजह से उन्होंने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

सिब्बल ने BRICS देशों के बीच मौजूद जटिल परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समूह में ऐसे देश शामिल हैं जिनके आपस में अलग-अलग तरह के राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव है, जबकि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अमेरिका के साथ मजबूत संबंध हैं। ऐसे माहौल में किसी एक देश के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि BRICS को किसी देश के खिलाफ मंच नहीं बनाया जा सकता। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट किया है कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है। ऐसे में समूह के भीतर सहमति बनाकर आगे बढ़ना ही सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है।

कपिल सिब्बल ने BRICS के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस समूह की शुरुआत 2006 में ब्राजील, भारत, रूस और चीन के साथ हुई थी। बाद में दक्षिण अफ्रीका इसमें शामिल हुआ और इसके बाद कई अन्य देशों को भी समूह का हिस्सा बनाया गया। अब BRICS का विस्तार हो चुका है और इसमें 11 सदस्य देश हैं।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2012 में BRICS की बैठक तत्कालीन यूपीए सरकार के दौरान हुई थी। उस समय न्यू डेवलपमेंट बैंक बनाने का प्रस्ताव सामने आया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का इसमें योगदान रहा था।

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भारत ने वैश्विक दक्षिण, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर जोर दिया। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली BRICS लीडर्स डिक्लेरेशन को अपनाया गया।

ऐसे में कपिल सिब्बल की टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर BRICS सम्मेलन के दौरान भारत सरकार की कूटनीतिक उपलब्धि की सराहना की है।

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