महिलाओं के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। शरीर में हार्मोनल बदलाव, मासिक धर्म, गर्भावस्था और स्तनपान जैसी अलग-अलग अवस्थाओं के कारण महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरतें भी बदलती रहती हैं। खासतौर पर आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनकी पर्याप्त मात्रा शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आयरन क्यों है जरूरी?
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यक होता है। हीमोग्लोबिन रक्त के जरिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव के कारण आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
वयस्क महिलाओं में आयरन की जरूरत उम्र और स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, 19 से 50 वर्ष की महिलाओं के लिए सामान्य RDA करीब 18 मिलीग्राम प्रतिदिन बताई जाती है। गर्भावस्था में जरूरत और बढ़ जाती है।
आयरन के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, राजमा, तिल, मेवे और आयरन-फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। शाकाहारी भोजन से मिलने वाले आयरन का अवशोषण अपेक्षाकृत कम हो सकता है, इसलिए भोजन में विविधता रखना महत्वपूर्ण है।
कैल्शियम से मजबूत होती हैं हड्डियां
कैल्शियम मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की कमजोरी और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए महिलाओं को पर्याप्त कैल्शियम लेना चाहिए। 19 से 50 वर्ष की वयस्क महिलाओं के लिए सामान्य सिफारिश करीब 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन है, जबकि 50 वर्ष से अधिक उम्र में जरूरत करीब 1,200 मिलीग्राम तक हो सकती है।
दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और कुछ हरी सब्जियां कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
प्रोटीन शरीर के लिए क्यों जरूरी?
प्रोटीन मांसपेशियों, एंजाइम और हार्मोन समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों के निर्माण और रखरखाव में मदद करता है। WHO के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए कुल ऊर्जा का लगभग 10-15 प्रतिशत प्रोटीन से मिलना सामान्य तौर पर पर्याप्त हो सकता है।
भारतीय आहार में दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली और मांस जैसे खाद्य पदार्थों से प्रोटीन लिया जा सकता है। ICMR-NIN की सिफारिशों के अनुसार 55 किलो वजन वाली सामान्य गतिविधि वाली महिला के लिए करीब 46 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन एक उपयोगी संदर्भ माना जाता है।
जरूरत के अनुसार बदल सकती है मात्रा
हर महिला की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, मासिक धर्म, गर्भावस्था और स्तनपान जैसी स्थितियों के अनुसार जरूरत बदल सकती है। इसलिए बिना जांच के आयरन या कैल्शियम की हाई-डोज सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। संतुलित आहार के साथ जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
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