क्रिकेट के मैदान पर वंदे मातरम को लेकर सियासत, कांग्रेस ने उठाए सवाल


 भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी-20 मुकाबले से पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे बजाए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस सांसद उदित राज ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्रिकेट के मैदान पर पूरे छह अंतरे बजाने से आखिर क्या हासिल होगा। उन्होंने इसे लेकर सरकार और आयोजन से जुड़े लोगों की मंशा पर भी सवाल खड़े किए।

मुकाबले से पहले स्टेडियम में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे बजाए गए। इसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा देखने को मिली। कांग्रेस सांसद उदित राज ने कहा कि देशभक्ति की भावना अपनी जगह है, लेकिन खेल के मैदान को राजनीतिक संदेशों से जोड़ने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उदित राज ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के एक अन्य घटनाक्रम को भी इसी बहस से जोड़ते हुए टिप्पणी की। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले पर सवाल उठाया। कांग्रेस सांसद ने इसे महज दिखावा और नाटक बताया।

दरअसल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के ट्रॉफी समारोह से जुड़े इस घटनाक्रम को लेकर पहले भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसी मुद्दे को लेकर उदित राज ने क्रिकेट और राजनीति के बीच बढ़ती नजदीकी पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि खेलों का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेल भावना को बढ़ावा देना होना चाहिए। उनके मुताबिक, मैदान पर राष्ट्रगीत या राष्ट्रवाद से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर फैसला करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि खेल को राजनीतिक विवाद का हिस्सा न बनाया जाए।

वहीं, ‘वंदे मातरम’ को लेकर समर्थकों का तर्क है कि यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। ऐसे में बड़े खेल आयोजनों में इसे सम्मान के साथ प्रस्तुत करना देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करता है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर क्रिकेट और राजनीति के संबंध को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को जरूरी बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक संदेश देने का माध्यम मान रहा है।

फिलहाल, अरुण जेटली स्टेडियम में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे बजाए जाने और मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने के मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।

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