UP Tex 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्स-2026 का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सम्मेलन में प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर, निवेश, नई तकनीक, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
निवेश को लेकर सीएम योगी ने गिनाई बदलती तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश के माहौल में आए बदलाव का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब निवेशक निवेश का पर्चा लेकर उत्तर प्रदेश आते थे, लेकिन यहां से वसूली की पर्ची लेकर लौटते थे। उनके मुताबिक अब प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी और नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेश के लिए माहौल तैयार हुआ है। सरकार निवेश परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर भी जोर दे रही है।
टेक्सटाइल सेक्टर को नई पहचान देने की तैयारी
यूपी टेक्स-2026 का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई पहचान दिलाना और वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी बढ़ाना है। सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी है।
कार्यक्रम में टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, निवेशक और कारोबारी नई तकनीक, उत्पादन क्षमता और निर्यात बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
36 सेक्टोरल पॉलिसी और बड़ा लैंड बैंक
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 36 सेक्टोरल पॉलिसी लागू हैं। साथ ही प्रदेश के पास करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक होने की बात भी कही गई। सरकार के अनुसार निवेशकों को नीतियों के दायरे में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की सुविधा दी जा रही है।
निवेशकों के लिए ऑनलाइन सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। Invest UP के Nivesh Sarathi पोर्टल के जरिए निवेशक निवेश प्रस्ताव दाखिल करने, उसकी स्थिति देखने और संबंधित विभागों से जुड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।
नई तकनीक और निर्यात पर भी नजर
यूपी टेक्स-2026 में नई तकनीक के इस्तेमाल और वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर है। टेक्सटाइल क्षेत्र में आधुनिक मशीनरी, बेहतर उत्पादन और निर्यात क्षमता बढ़ने से छोटे कारोबारियों और बुनकरों को भी नए बाजार मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, यूपी टेक्स-2026 को प्रदेश के टेक्सटाइल और औद्योगिक क्षेत्र के लिए अहम आयोजन माना जा रहा है। सरकार निवेश, तकनीक और निर्यात के जरिए इस सेक्टर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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