राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस पर पीएम मोदी ने किया विश्वेश्वरैया को नमन, इंजीनियरों को बताया ‘कर्मयोगी’


 देशभर में आज यानी 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी इंजीनियरों को शुभकामनाएं दीं और महान अभियंता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की। इंजीनियर्स डे हर साल 15 सितंबर को सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने इंजीनियरिंग, बुनियादी ढांचे और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने इंजीनियरों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें ‘कर्मयोगी’ बताया। उन्होंने कहा कि इंजीनियर अपनी तकनीकी क्षमता, मेहनत और रचनात्मक सोच के जरिए देश के विकास को नई दिशा देते हैं। उनके प्रयासों से बड़ी-बड़ी योजनाएं जमीन पर उतरती हैं और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।

पीएम मोदी ने कहा कि इंजीनियर केवल योजनाएं और तकनीक तैयार नहीं करते, बल्कि सपनों को हकीकत में बदलने का काम भी करते हैं। देश के बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, ऊर्जा, परिवहन और उद्योग तक इंजीनियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। तेजी से बदलती तकनीक के दौर में इंजीनियरिंग क्षेत्र देश की प्रगति और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस के मौके पर सर एम. विश्वेश्वरैया की उपलब्धियों को भी याद किया जाता है। 15 सितंबर 1861 को जन्मे विश्वेश्वरैया देश के महानतम इंजीनियरों और प्रशासकों में गिने जाते हैं। सिंचाई, जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे के विकास में उनके योगदान को आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने मैसूर राज्य के दीवान के रूप में भी कई विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया और आधुनिक मैसूर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सर एम. विश्वेश्वरैया को 1955 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनके योगदान और दूरदर्शी सोच को देखते हुए ही उनकी जयंती को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के लाखों इंजीनियरों की मेहनत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है।

आज के दौर में इंजीनियरिंग की भूमिका और भी व्यापक हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में इंजीनियर देश के भविष्य को आकार दे रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस न केवल सर विश्वेश्वरैया की विरासत को याद करने का दिन है, बल्कि नई पीढ़ी के इंजीनियरों को नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का अवसर भी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ