विश्व हृदय दिवस: जेन-जी की कम सोने की आदत दिल के लिए बन सकती है खतरा


 World Heart Day 2026: दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज और संतुलित खान-पान पर ध्यान देना ही काफी नहीं है। अच्छी और पर्याप्त नींद भी हृदय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। खासकर युवा पीढ़ी में देर रात तक जागने, स्क्रीन पर समय बिताने और नींद पूरी न होने की आदत को लेकर विशेषज्ञ चिंता जताते हैं। लगातार कम या खराब नींद का संबंध ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के बढ़ते जोखिम से हो सकता है।

7 से 9 घंटे की नींद जरूरी

अधिकांश वयस्कों के लिए हर रात करीब 7 से 9 घंटे की नींद को पर्याप्त माना जाता है। लेकिन व्यस्त दिनचर्या, देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल और अनियमित सोने-जागने का समय इस जरूरत को प्रभावित कर सकता है। जब नींद लगातार कम होती है, तो शरीर को पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय नहीं मिल पाता।

बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर

नींद के दौरान शरीर और हृदय को आराम मिलता है। लगातार नींद की कमी होने पर शरीर का तनाव प्रतिक्रिया तंत्र अधिक सक्रिय रह सकता है। इससे कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम हो सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहना हृदय रोग और स्ट्रोक जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है।

हार्ट रेट पर भी असर

नींद की कमी का असर शरीर की स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली पर पड़ सकता है, जो हृदय गति और ब्लड प्रेशर जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। खराब नींद के कारण कुछ लोगों में आराम की स्थिति में हार्ट रेट बढ़ा हुआ रह सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।

वजन और ब्लड शुगर से भी संबंध

लगातार कम नींद केवल हृदय पर ही असर नहीं डालती। नींद की कमी भूख और तृप्ति से जुड़े हार्मोन तथा खान-पान के व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, खराब नींद का संबंध ब्लड शुगर नियंत्रण में गड़बड़ी और इंसुलिन रेजिस्टेंस से भी पाया गया है। मोटापा और ब्लड शुगर की समस्या आगे चलकर हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

युवा क्या करें?

दिल की सेहत के लिए युवाओं को नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट के साथ नींद को भी अपनी दिनचर्या की प्राथमिकता बनाना चाहिए। रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें, सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और कैफीन का देर शाम सेवन सीमित रखें।

अगर पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार थकान, बहुत अधिक खर्राटे, नींद में सांस रुकने जैसी समस्या या दिन में अत्यधिक नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। विश्व हृदय दिवस का संदेश यही है कि स्वस्थ दिल के लिए अच्छी नींद भी उतनी ही जरूरी है जितना सही खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि।

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