Gold Price Today: आमतौर पर वैश्विक संकट और भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस समय तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और मध्य पूर्व में जारी संकट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। 28 सितंबर को स्पॉट गोल्ड करीब 4 फीसदी गिरकर सात सप्ताह से ज्यादा के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
डॉलर की मजबूती ने बढ़ाया दबाव
सोने की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स करीब दो महीने के उच्च स्तर के आसपास बना रहा। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है और इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में तेज बढ़ोतरी भी सोने के लिए चुनौती बनी हुई है। सोना कोई ब्याज नहीं देता, जबकि बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न यील्ड बढ़ने के साथ आकर्षक हो सकता है। ऐसे माहौल में कुछ निवेशक सोने से पैसा निकालकर ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
महंगा तेल और ब्याज दरों की चिंता
मध्य पूर्व के तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। महंगाई ज्यादा रहने की आशंका से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने या आगे बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर गैर-ब्याज वाली परिसंपत्ति सोने के लिए दबाव पैदा करता है।
मुनाफावसूली का भी असर
सोने में लंबे समय से तेजी रहने के बाद कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली भी की है। अचानक बिकवाली बढ़ने से कीमतों में गिरावट तेज हो सकती है। हालिया गिरावट में मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के साथ निवेशकों की बिकवाली भी एक कारक रही है।
ट्रंप के ईरान प्रस्ताव खारिज करने से बदला बाजार का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद भी बाजार में अस्थिरता बढ़ी, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की बात शामिल थी। इसके बाद तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई तथा ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी। इसका असर सोने पर भी पड़ा।
इस तरह वैश्विक संकट के बावजूद सोने की कीमतों पर इस समय कई आर्थिक कारक एक साथ दबाव डाल रहे हैं। मजबूत डॉलर, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगे तेल से बढ़ती महंगाई की चिंता और मुनाफावसूली ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग पर असर डाला है।
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