वैभव को भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों में गिना जा रहा है। कम उम्र में ही उन्होंने अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से ध्यान खींचा है। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में उनके खेलने की उम्मीदें थीं। लेकिन टीम संयोजन और मौजूदा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के चलते उन्हें अभी बेंच पर ही रहना पड़ा है।
संजू सैमसन के अनुभव को मिली प्राथमिकता
गौतम गंभीर के मुताबिक, विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का अनुभव और हालिया प्रदर्शन उन्हें फिलहाल वैभव से आगे रखता है। सैमसन लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके पास वैभव की तुलना में काफी अधिक अनुभव है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी युवा खिलाड़ी को जल्दबाजी में उतारने के बजाय परिस्थितियों और टीम की जरूरत के अनुसार फैसला लेना चाहता है।
अभिषेक शर्मा भी दिखा रहे दम
दूसरी ओर, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अभिषेक शर्मा भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं। टी20 क्रिकेट में उनका तेज शुरुआत दिलाने वाला अंदाज टीम के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में शीर्ष क्रम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बीच वैभव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं है।
गंभीर ने दिलाया भरोसा
गौतम गंभीर ने वैभव को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि जब उन्हें टीम की ओर से खेलने का मौका मिलेगा, तो उन्हें केवल एक-दो मैचों के आधार पर नहीं परखा जाएगा। टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय देने के पक्ष में है।
इससे संकेत मिलता है कि वैभव का डेब्यू भले ही तत्काल न हो, लेकिन टीम प्रबंधन उनके भविष्य को लेकर गंभीर है। 15 साल की उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। अब उनके समर्थकों की नजर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वैभव को पहली बार मैदान पर उतरने का मौका कब मिलता है।
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