विवेक गुप्ता : "कर दिया खेला साले का भड़काकर,कभी ये लाकर दे रहा था,कभी वो लाकर दे रहा था. ऐसे कैसे हमारे साथ की__को ले जाएगा..." गटरजीत सिंह तेरे किसी से कहे ये शब्द मेरे कानों में हरदम गूंजते रहते हैं. वो तो मैं संवैधानिक और अहिंसक हूं वरना... ख़ैर कौन कहां हरदम एक सा रहता है,सभी को वक्त,परिस्थिति के हिसाब से बदलना ही पड़ता है.
महाभारत के युद्ध में कभी हथियार ना उठाने की कसम खाने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने भी एक समय हाथ में मारने के लिए रथ का पहिया उठा लिया था. वो भगवान थे और मैं तो साधारण इंसान हूं लेकिन तू घबरा मत मेरे अहिंसक से अ निकलकर मेरे संवैधानिक होने के आगे कभी नहीं लगेगा. ये किसी की शर्म है जो ताउम्र बरकरार रहेगी.
हां ये वादा है तुझे तेरे किए की बहुत वाजिब सजा मिलेगी. जिसकी शुरुआत सितंबर के एंड या उससे पहले से हो जाएगी. मेरी जन्म कुंडली में 11वें घर में शनि हैं,जो काम डिले कराता है लेकिन काम होता बहुत दुरुस्त है,एक नई मिसाल बनती है. हां साथ में 10वें घर में मंगल को भी मत भूलना,ऐसे लोग कभी बैक फुट पर नहीं जाते. और सुन मेरा तो सूर्य भी लग्न में है बहुत डेडली कॉम्बिनेशन है जो थोड़ी भी एस्ट्रोलॉजी जानता हो उससे पूछ लेना. भगवान ने चाहा तो बस सितंबर एंड तक वेट कर.
अरे भगवान से याद आया हर जगह भगवान नहीं पहुंच सकते इसलिए उसने मां बनाई. गटरजीत सिंह तेरी करतूतों के बाद दुनिया कहेगी,"हर जगह शैतान नहीं पहुंच सकता इसलिए उसने गटरजीत सिंह बनाया." गटरजीत सिंह तू कुछ भी हो लेकिन इंसान तो बिल्कुल नहीं है. आप दुनिया के सामने बहरुपिया बन सकते हैं लेकिन जब आईने के सामने खड़े होगे तो हकीकत सामने आ ही जाएगी.
कहते हैं डायन भी सात घर छोड़ देती है लेकिन गटरजीत सिंह ने उसे भी नहीं छोड़ा जिसने हमेशा उसका दिल से सम्मान किया,पैर छुए,बड़ा भाई माना. अपना नाम कलंक में शामिल करवाकर इस गटरजीत को बहुत ज्यादा फायदा भी नहीं हुआ,बस इसने संस्थान के बॉस के दोस्त की नजर में अपने नंबर बढ़ा लिए.
आप सब ही बताइए फिर कौन ज्यादा खतरनाक है डायन या बड़े मीडिया संस्थान में काम कर रहा गटरजीत सिंह? इसका जवाब सब जानते हैं,गटरजीत सिंह. मैं डायन से भी माफी मांग रहा हूं कि मैंने उसकी तुलना गटरजीत सिंह से की.
गटरजीत सिंह एक नंबर का नाकाबिल,नासमझ है. अब इसका नाम बड़ी गलतियों और ब्लंडर के पर्यायवाची शब्द के रूप में भी शामिल कर लिया गया है. मैंने इसके कई बार सबूत भी दिए हैं. इसकी जल्दी ही PDF रिलीज़ होगी.
नाकाबिल,नासमझ और बेवकूफ होना बुरा नहीं है लेकिन घाघ होना,धूर्त होना,धोखेबाज होना,विश्वासघाती होना इंसान के लिए सबसे बुरा है. और गटर जीत सिंह इन सबका सबसे बड़ा उदाहरण है. आस्तीन के सांप की जगह कहावत होनी चाहिए "आस्तीन का गटरजीत सिंह"
सांप को भी अगर ना छेड़ा जाए तो वो भी नहीं काटता और एक तू है जिसने तेरा सम्मान किया,तेरे सबके सामने पैर छुए तूने उसे ही डस लिया. मैं संस्थान से जाने से पहले और बाद में भी पूछता रहा,'भैया बता दो सही बात,28 मई का ट्वीट आपकी वजह से किया था,इसी को लेकर आपने अश्लील मंसूरी के साथ मिलकर साजिश की है ना.' लेकिन तू दरिन्दों की तरह हर बार झूठ बोलता रहा कि मुझे कुछ नहीं पता.
फिर अब क्यों बकता फिरता है,"साइगो कुमार और झुरझुरी शांत होजा के चक्कर में मैं फंस गया. साइगो कुमार ने ऊपर बुलाकर कहा था,तुम कुछ मत कहना हम लोकसभा चुनाव के बाद उसका इलाज कर देंगे."
तूने साइगो से क्या-क्या कहा होगा वो तेरे अंदर का कालापन देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है.
साइगो कुमार ने जैसा तुझसे वादा किया उसने कर भी दिया इलाज मेरा लेकिन ऊपर वाले ने साइगो का इलाज भी कर दिया. जहां का राजा था वहां के एक कोने में सिमट कर रह गया. उस हिटलर के सामने तो कोई नहीं कहता लेकिन पीछे सब कहते हैं,देखो बेशरमों की तरह पड़े हुए हैं. अब जिसे लात ना लगे उसे बात क्या ही लगेगी. दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो पैसे लेकर गालियां और थप्पड़ खुशी से खा सकते हैं. उनके लिए इज़्ज़त और स्वाभिमान कुछ मायने ही नहीं रखता.
गटरजीत तू बहुत ही चुप्पा है,हर जगह की मलाई खा रहा है. उधर अश्लील मंसूरी का भी सगा बना हुआ है इधर साइगो की चापलूसी में लगा ही हुआ है,वरना इतनी नाकाबिलियत के बाद नौकरी ही चली जाती. यही हाल झुरझुरी शांत होजा का है,वो भी अश्लील मंसूरी और साइगो कुमार दोनों का सगा बना हुआ है. साइगो का सबने बनाया हुआ है जो वो पहले से है.
गटरजीत सिंह तुझे क्या पता ये 3 साल कैसे बीते हैं मेरे,कितना दर्द झेला है,कितना तड़पा हूं मैं,क्या कुछ नहीं खोया है मैंने,एक-एक पल काटना मुश्किल रहा है मेरे लिए जबकि मेरी तो कोई गलती भी नहीं थी. 24 कैरेट गोल्ड को मिलकर साबित कर ही दिया किसी की नजर में दो कौड़ी का.
गटरजीत सिंह कल जब तेरा बेटा बड़ा होगा तब उसे पता चलेगा जिसे वो अपना हीरो समझता है वो कितना गिरा हुआ इंसान है. वो सोचता है कि उसके पापा उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं. सोच उस मासूम पर क्या बीतेगी जब उसे पता चलेगा,उसके पापा ने जरा से फायदे के लिए उसी की झूठी कसम भी खाई थी.
तेरा बेटा फिल्म देखकर प्राण,अमरीश पुरी,शक्ति कपूर,गुलशन ग्रोवर से नफरत करता होगा. बच्चे ऐसे ही होते हैं बचपन मैं भी जब फिल्म में हीरो के साथ साजिश होते देखता था तो मन करता था,टीवी के अंदर घुसकर बता दूं,जिसे तुम अपना हितैषी समझ रहे हो वो ही असली गुनाहगार है. कैसे भी करके फिल्म के अंदर हीरो हीरोइन के बीच की गलतफहमी को मिटाकर उन दोनों को मिला दूं.
सोच तेरे बच्चे पर क्या बीतेगी जब उसे पता चलेगा कि उसका पापा तो फिल्मों के अमरीश पुरी से भी बुरा इंसान है.
कहते हैं बाप के किए की सजा बेटे को मिलती है और किसी को जितना दर्द दो उससे ज़्यादा आपको वापस मिलता है. लेकिन मैं दुआ करूंगा जो दर्द तूने और तेरे साथियों,तेरे आका ने मुझे दिया है उसका दस परसेंट से ज्यादा तुम लोगों को ना मिले क्योंकि इससे ज्यादा तुम सब झेल नहीं पाओगे.

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