Diabetes and Heart Patient Diet: डायबिटीज और हृदय रोग से जूझ रहे लोगों के लिए खान-पान का सही होना बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन केवल ब्लड शुगर को प्रभावित नहीं करता, बल्कि वजन, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ पर भी असर डालता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन मरीजों को दिन में कितनी बार खाना चाहिए और प्लेट में क्या शामिल करना बेहतर है?
दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
डायबिटीज के सभी मरीजों के लिए दिन में खाने की कोई एक निश्चित संख्या तय नहीं है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, भोजन की योजना व्यक्ति की जरूरत, दवाओं, इंसुलिन, दिनचर्या और मेटाबॉलिक लक्ष्यों के हिसाब से तय होनी चाहिए।
आमतौर पर कई लोगों के लिए 3 संतुलित मुख्य भोजन एक व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं। जरूरत के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से छोटे, पौष्टिक स्नैक्स भी शामिल किए जा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक खाना खाने से बचें और भोजन की मात्रा पर नियंत्रण रखें।
प्लेट में क्या होना चाहिए?
एक आसान तरीका है प्लेट मेथड। इसमें प्लेट का लगभग आधा हिस्सा बिना स्टार्च वाली सब्जियों से, एक चौथाई हिस्सा स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट और बाकी एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन से भरने की सलाह दी जाती है।
सब्जियों में पालक, लौकी, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी और अन्य नॉन-स्टार्च वाली सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। कार्बोहाइड्रेट के लिए साबुत अनाज, दलिया या नियंत्रित मात्रा में ब्राउन राइस जैसे विकल्प बेहतर हो सकते हैं।
प्रोटीन का रखें ध्यान
डायबिटीज और हार्ट मरीजों के लिए दाल, चना, राजमा, बीन्स, नट्स और बीज जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन अच्छे विकल्प हो सकते हैं। मछली या त्वचा रहित चिकन जैसे लीन प्रोटीन भी व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार शामिल किए जा सकते हैं।
इन चीजों से दूरी बनाना बेहतर
ऐसे मरीजों को मीठे पेय, ज्यादा चीनी, मिठाइयां, रिफाइंड अनाज, अत्यधिक तला हुआ भोजन और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड सीमित करना चाहिए। हृदय स्वास्थ्य के लिए ज्यादा नमक और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों को भी कम करना महत्वपूर्ण है।
खाने के समय में रखें नियमितता
भोजन का समय भी व्यक्ति की दवाओं और दिनचर्या के अनुरूप होना चाहिए। खासकर जो लोग इंसुलिन या ऐसी दवाएं लेते हैं जिनसे ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के खाना छोड़ना या लंबे समय तक फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
पानी को बनाएं प्राथमिकता
प्यास बुझाने के लिए मीठे जूस, शुगर वाली ड्रिंक या मीठे पेय की जगह पानी बेहतर विकल्प है। पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय सोडियम, एडेड शुगर और सैचुरेटेड फैट की मात्रा जरूर देखें।
निष्कर्ष
डायबिटीज और हार्ट मरीजों के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि दिन में कितनी बार खाना खाया गया, बल्कि क्या खाया, कितनी मात्रा में खाया और भोजन का समय क्या रहा, ये बातें भी महत्वपूर्ण हैं। हर मरीज की जरूरत अलग होती है, इसलिए व्यक्तिगत डाइट प्लान के लिए डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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