अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के बीच राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या के मदन मोहन, दिल्ली के महेश भागचंदा और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के तौर पर मंजूरी दी गई है।
ट्रस्ट में क्यों हुई नए सदस्यों की जरूरत?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों का प्रावधान है। इससे पहले ट्रस्ट में कुछ पद खाली हो गए थे, जिसके बाद नए सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई। ट्रस्ट से जुड़े मामलों में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए इन रिक्त पदों को भरना महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
इससे पहले ट्रस्ट के एक सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन हो चुका था। उनके निधन के बाद उनकी जगह को लेकर भी चर्चा चल रही थी। जुलाई में ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने उनके बेटे यतींद्र मोहन मिश्र को ट्रस्टी बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था।
कौन हैं तीन नए ट्रस्टी?
रिपोर्ट के अनुसार, अब मदन मोहन, महेश भागचंदा और निर्मला यादव को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। इन तीनों की नियुक्ति से ट्रस्ट में खाली पदों को भरने के साथ विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा।
हालांकि, नए ट्रस्टियों की विस्तृत जिम्मेदारियां और उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी ट्रस्ट की ओर से औपचारिक रूप से सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
बैठक में CEO को लेकर भी अहम फैसला
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में नए ट्रस्टियों के अलावा मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति भी अहम एजेंडा है। रिपोर्टों के मुताबिक CEO पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटाकर अंतिम तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है।
ट्रस्ट की बैठक 2 सितंबर को अयोध्या में हो रही है और इसमें प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
प्रशासन को व्यवस्थित करने पर जोर
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार को देखते हुए ट्रस्ट के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। CEO की नियुक्ति और नए ट्रस्टियों के आने से प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस तरह नए तीन ट्रस्टियों की नियुक्ति और CEO चयन की प्रक्रिया राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखी जा रही है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ